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Q: Which of the following factors could potentially contribute to stagflation in the Indian economy? निम्नलिखित में से कौन-से कारक संभावित रूप से भारतीय अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीतिजनित मंदी में योगदान कर सकते हैं? 1. High inflationary pressures due to increased Government spending/सरकारी खर्च में वृद्धि के कारण उच्च मुद्रास्फीति दबाव 2. Decline in industrial production and sluggish economic growth/औद्योगिक उत्पादन में गिरावट और आर्थिक विकास में सुस्ती 3. Decrease in aggregate demand and consumer spending कुल माँग और उपभोक्ता खर्च में कमी 4. Appreciation of the domestic currency leading to reduction of export competitiveness/घरेलू मुद्रा की वृद्धि के कारण निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में कमी Select the correct answer using the codes given below. नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
  • A. Only 1 and 2/केवल 1 और 2
  • B. Only 2 and 3/केवल 2 और 3
  • C. Only 1, 3 and 4/केवल 1, 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 and 4/1, 2, 3 और 4
Correct Answer: Option D - मुद्रा स्फीतिजनित मंदी (Stagflation) से तात्पर्य एक ऐसी स्थिति से है जिसमें कीमतों में एक साथ वृद्धि (Simultaneous Increase) और आर्थिक विकास में ठहराव होता है। इसे अर्थव्यवस्था में एक ऐसी स्थिति के रूप में वर्णित किया जाता है जहाँ विकास दर धीमी हो जाती है, बेरोजगारी का स्तर लगातार ऊँचा बना रहता है और मुद्रा स्फीति या कीमत स्तर ऊँचा रहता है। भारतीय अर्थव्यवस्था में निम्नलिखित कारक संभावित रूप से मुद्रास्फीतिजनित मंदी में योगदान कर सकते हैं- (1) आमतौर पर कम विकास की स्थिति में केन्द्रीय बैंक और सरकारे मांग पैदा करने के लिए उच्च सार्वजनिक व्यय और कम ब्याज दरों के माध्यम से अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने का प्रयास करती है जिससे किमतें बढ़ती है और मुद्रा स्फीति का कारण बनती है। (2) औद्योगिक उत्पादन में गिरावट और आर्थिक विकास में सुस्ती मुद्रास्फीति जनित मंदी में योगदान करते है। औद्योगिक उत्पादन में गिरावट से वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति में कमी के कारण कीमतों में वृद्धि होती है। साथ ही औद्योगिक उत्पादन में गिरावट से आर्थिक में गिरावट से आर्थिक विकास की गति धीमी पड़े जाती है। इस प्रकार यह स्थिति मुद्रास्फीति जनित मंदी में योगदान देती है।
D. मुद्रा स्फीतिजनित मंदी (Stagflation) से तात्पर्य एक ऐसी स्थिति से है जिसमें कीमतों में एक साथ वृद्धि (Simultaneous Increase) और आर्थिक विकास में ठहराव होता है। इसे अर्थव्यवस्था में एक ऐसी स्थिति के रूप में वर्णित किया जाता है जहाँ विकास दर धीमी हो जाती है, बेरोजगारी का स्तर लगातार ऊँचा बना रहता है और मुद्रा स्फीति या कीमत स्तर ऊँचा रहता है। भारतीय अर्थव्यवस्था में निम्नलिखित कारक संभावित रूप से मुद्रास्फीतिजनित मंदी में योगदान कर सकते हैं- (1) आमतौर पर कम विकास की स्थिति में केन्द्रीय बैंक और सरकारे मांग पैदा करने के लिए उच्च सार्वजनिक व्यय और कम ब्याज दरों के माध्यम से अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने का प्रयास करती है जिससे किमतें बढ़ती है और मुद्रा स्फीति का कारण बनती है। (2) औद्योगिक उत्पादन में गिरावट और आर्थिक विकास में सुस्ती मुद्रास्फीति जनित मंदी में योगदान करते है। औद्योगिक उत्पादन में गिरावट से वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति में कमी के कारण कीमतों में वृद्धि होती है। साथ ही औद्योगिक उत्पादन में गिरावट से आर्थिक में गिरावट से आर्थिक विकास की गति धीमी पड़े जाती है। इस प्रकार यह स्थिति मुद्रास्फीति जनित मंदी में योगदान देती है।

Explanations:

मुद्रा स्फीतिजनित मंदी (Stagflation) से तात्पर्य एक ऐसी स्थिति से है जिसमें कीमतों में एक साथ वृद्धि (Simultaneous Increase) और आर्थिक विकास में ठहराव होता है। इसे अर्थव्यवस्था में एक ऐसी स्थिति के रूप में वर्णित किया जाता है जहाँ विकास दर धीमी हो जाती है, बेरोजगारी का स्तर लगातार ऊँचा बना रहता है और मुद्रा स्फीति या कीमत स्तर ऊँचा रहता है। भारतीय अर्थव्यवस्था में निम्नलिखित कारक संभावित रूप से मुद्रास्फीतिजनित मंदी में योगदान कर सकते हैं- (1) आमतौर पर कम विकास की स्थिति में केन्द्रीय बैंक और सरकारे मांग पैदा करने के लिए उच्च सार्वजनिक व्यय और कम ब्याज दरों के माध्यम से अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने का प्रयास करती है जिससे किमतें बढ़ती है और मुद्रा स्फीति का कारण बनती है। (2) औद्योगिक उत्पादन में गिरावट और आर्थिक विकास में सुस्ती मुद्रास्फीति जनित मंदी में योगदान करते है। औद्योगिक उत्पादन में गिरावट से वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति में कमी के कारण कीमतों में वृद्धि होती है। साथ ही औद्योगिक उत्पादन में गिरावट से आर्थिक में गिरावट से आर्थिक विकास की गति धीमी पड़े जाती है। इस प्रकार यह स्थिति मुद्रास्फीति जनित मंदी में योगदान देती है।