Explanations:
नौरता नृत्य अविवाहित लड़कियों के लिए विशेष महत्व रखता है। नौरता नवरात्रि के अवसर पर मनाया जाता है। इसमें कहा जाता है कि अविवाहित कन्यायें शिव शंकर की अराधना करती हैं तथा अच्छा पति पाने के लिए व्रत भी रखती हैं। यह बुंदेलखण्ड का नृत्य व चित्रकला दोनों है। मामूलिया भी अविवाहित कन्याओं द्वारा मनाया जाता है, इसमें अविवाहित युवतियों द्वारा वट वृक्ष की पूजा की जाती है।