Correct Answer:
Option D - : छिड़काव सिंचाई (Sprinkler Irrigation)– यह एक प्रकार की कृत्रिम वर्षा है, जिसमें फसलों पर ऊपर से पानी छिड़का जाता है।
इसे शिरोपरि सिंचाई (Overhead Irrigation) भी कहते हैं। इस विधि में पानी को पाइपों द्वारा उच्च दाब पर भेजा जाता है, जो नोजलो से निकलकर बौछार की भाँति फसलों पर गिरता है।
छिड़काव सिंचाई की सीमायें (Limitations of Sprinkling Irrigaton)–
(1) इस विधि के उपयोग से वाष्पीकरण-नुकसान अत्यधिक होता है।
(2) तेज हवाओं के कारण यह पद्धति अस्त-व्यस्त हो जाती है।
(3) कुशल श्रमिक की आवश्यकता होती है।
(4) प्रारम्भिक लागत उच्च होती है।
(5) यह भारी सिंचाई (Heavy Irrigation) के लिए उपयुक्त नहीं है।
D. : छिड़काव सिंचाई (Sprinkler Irrigation)– यह एक प्रकार की कृत्रिम वर्षा है, जिसमें फसलों पर ऊपर से पानी छिड़का जाता है।
इसे शिरोपरि सिंचाई (Overhead Irrigation) भी कहते हैं। इस विधि में पानी को पाइपों द्वारा उच्च दाब पर भेजा जाता है, जो नोजलो से निकलकर बौछार की भाँति फसलों पर गिरता है।
छिड़काव सिंचाई की सीमायें (Limitations of Sprinkling Irrigaton)–
(1) इस विधि के उपयोग से वाष्पीकरण-नुकसान अत्यधिक होता है।
(2) तेज हवाओं के कारण यह पद्धति अस्त-व्यस्त हो जाती है।
(3) कुशल श्रमिक की आवश्यकता होती है।
(4) प्रारम्भिक लागत उच्च होती है।
(5) यह भारी सिंचाई (Heavy Irrigation) के लिए उपयुक्त नहीं है।