Correct Answer:
Option D - ठण्डे मौसम में कंक्रीटन कार्य के प्रभाव निम्नलिखित है -
■ सीमेन्ट के मंद कठोरीकरण के कारण जलयोजन की उष्मा घटती है।
■ जलयोजन की दर तापमान पर निर्भर करती है इसलिए शीत ऋतु में कंक्रीटिग करने पर इसकी जलयोजन की दर कम हो जाती है।
■ सुघट्य कंक्रीट का तापमान 0ºC से नीचे गिरने पर इसमें विद्यमान पानी जमने लगता है।
■ ठण्डे मौसम में कंक्रीट के कठोर होने में अधिक समय लगता है अत: इसकी फरमाबन्दी लम्बे समय तक बनाये रखनी पड़ती है।
D. ठण्डे मौसम में कंक्रीटन कार्य के प्रभाव निम्नलिखित है -
■ सीमेन्ट के मंद कठोरीकरण के कारण जलयोजन की उष्मा घटती है।
■ जलयोजन की दर तापमान पर निर्भर करती है इसलिए शीत ऋतु में कंक्रीटिग करने पर इसकी जलयोजन की दर कम हो जाती है।
■ सुघट्य कंक्रीट का तापमान 0ºC से नीचे गिरने पर इसमें विद्यमान पानी जमने लगता है।
■ ठण्डे मौसम में कंक्रीट के कठोर होने में अधिक समय लगता है अत: इसकी फरमाबन्दी लम्बे समय तक बनाये रखनी पड़ती है।