Correct Answer:
Option D - राष्ट्रीय विकास परिषद् एक गैर-संवैधानिक निकाय है, इस परिषद् के निम्नलिखित कार्य हैं-
(1) राष्ट्रीय योजना की तैयारी के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित करना।
(2) योजना आयोग द्वारा तैयार राष्ट्रीय योजना पर विचार करना।
(3) योजना को क्रियान्वित करने के लिए जरूरी संसाधनों का आकलन करना और इनकी संवृद्धि के उपाय सुझाना।
(4) राष्ट्रीय विकास को प्रभावित करने वाले सामाजिक एवं आर्थिक नीतियों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण प्रश्नों पर विचार करना।
(5) राष्ट्रीय योजना के कामकाज की समय-समय पर समीक्षा करना एवं देश के सभी क्षेत्रों में सन्तुलित विकास को सुनिश्चित करना।
(6) संघ और राज्य सरकारों की निविष्टियों के साथ योजना आयोग द्वारा बनाई गई पंचवर्षीय योजनाओं का अनुमोदन करना।
D. राष्ट्रीय विकास परिषद् एक गैर-संवैधानिक निकाय है, इस परिषद् के निम्नलिखित कार्य हैं-
(1) राष्ट्रीय योजना की तैयारी के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित करना।
(2) योजना आयोग द्वारा तैयार राष्ट्रीय योजना पर विचार करना।
(3) योजना को क्रियान्वित करने के लिए जरूरी संसाधनों का आकलन करना और इनकी संवृद्धि के उपाय सुझाना।
(4) राष्ट्रीय विकास को प्रभावित करने वाले सामाजिक एवं आर्थिक नीतियों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण प्रश्नों पर विचार करना।
(5) राष्ट्रीय योजना के कामकाज की समय-समय पर समीक्षा करना एवं देश के सभी क्षेत्रों में सन्तुलित विकास को सुनिश्चित करना।
(6) संघ और राज्य सरकारों की निविष्टियों के साथ योजना आयोग द्वारा बनाई गई पंचवर्षीय योजनाओं का अनुमोदन करना।