Correct Answer:
Option A - गणित एक शास्त्र होने के नाते जिसका अपनी प्रकृति एवं संरचना है, इसका शिक्षण लक्ष्य विशेषताओं का विकास करना है जैसे सटीकता, तार्किकता, समस्या-समाधान कौशल, सच्चाई, धैर्य आदि।
गणित शिक्षण का प्रमुख उद्देश्य–
1. छात्र को नवीनतम ज्ञान व खोजों से अवगत करना।
2. चिंतन एवं तर्कशक्तियों का विकास करना।
3. छात्रों मे अन्तर्निहित गुणों तथा योग्यताओं का विकास करना।
4. दैनिक जीवन में गणितीय समस्याओं को हल करना।
5. छात्रों को ज्ञान, सूझ-बूझ, रुचियाँ तथा कलाओं आदि से सुसज्जित करना।
6. बच्चे को उच्च शिक्षा के लिए तैयार करना।
7. छात्र को समाज के लिए उपयोगी नागरिक के रूप में तैयार करना।
8. छात्र को सौन्दर्य तथा आनंद की अनुभूति प्रदान करना तथा खाली क्षणों का उपयोग करना सिखाना।
A. गणित एक शास्त्र होने के नाते जिसका अपनी प्रकृति एवं संरचना है, इसका शिक्षण लक्ष्य विशेषताओं का विकास करना है जैसे सटीकता, तार्किकता, समस्या-समाधान कौशल, सच्चाई, धैर्य आदि।
गणित शिक्षण का प्रमुख उद्देश्य–
1. छात्र को नवीनतम ज्ञान व खोजों से अवगत करना।
2. चिंतन एवं तर्कशक्तियों का विकास करना।
3. छात्रों मे अन्तर्निहित गुणों तथा योग्यताओं का विकास करना।
4. दैनिक जीवन में गणितीय समस्याओं को हल करना।
5. छात्रों को ज्ञान, सूझ-बूझ, रुचियाँ तथा कलाओं आदि से सुसज्जित करना।
6. बच्चे को उच्च शिक्षा के लिए तैयार करना।
7. छात्र को समाज के लिए उपयोगी नागरिक के रूप में तैयार करना।
8. छात्र को सौन्दर्य तथा आनंद की अनुभूति प्रदान करना तथा खाली क्षणों का उपयोग करना सिखाना।