Correct Answer:
Option B - संचयी त्रुटि (Cumulative errors)– संचयी त्रुटि एक ही दिशा में घटती है और संचित होती रहती है। इस त्रुटि के कारण सर्वेक्षण कार्य के माप या तो सत्य माप से अधिक होते हैं अथवा कम होते हैं।
ह्य् जो त्रुटि किसी माप (या परिमाण) को सत्य से बढ़ा दे, उसे धनात्मक त्रुटि तथा जो माप (या परिमाण) को घटा दे, उसे ऋणात्मक त्रुटि कहते हैं।
आकस्मिक त्रुटि (Accidental errors)- ये कारणों के संयोजन के कारण होने वाली त्रुटियाँ है और सर्वेक्षक के नियंत्रण से बाहर है। यह ऋणात्मक या धनात्मक हो सकती है। उदाहरण- जरीब का अंशांकन
B. संचयी त्रुटि (Cumulative errors)– संचयी त्रुटि एक ही दिशा में घटती है और संचित होती रहती है। इस त्रुटि के कारण सर्वेक्षण कार्य के माप या तो सत्य माप से अधिक होते हैं अथवा कम होते हैं।
ह्य् जो त्रुटि किसी माप (या परिमाण) को सत्य से बढ़ा दे, उसे धनात्मक त्रुटि तथा जो माप (या परिमाण) को घटा दे, उसे ऋणात्मक त्रुटि कहते हैं।
आकस्मिक त्रुटि (Accidental errors)- ये कारणों के संयोजन के कारण होने वाली त्रुटियाँ है और सर्वेक्षक के नियंत्रण से बाहर है। यह ऋणात्मक या धनात्मक हो सकती है। उदाहरण- जरीब का अंशांकन