Explanations:
बच्चों तथा किशोरों को तनाव मुक्त करने में पारिवारिक संबंध तथा संज्ञानात्मक कार्य की काफी महत्वपूर्ण भूमिका है। जन्म से लेकर किशोरावस्था तक की अवधि में बालक के विकास में काफी सारी समस्याएँ आती हैं जिनसे इनमें तनाव तथा दुश्चिता की दिक्कतें होने लगती है यदि इसे सही समय पर हल न किए जाए तो इससे इनके विकास में बाधा उत्पन्न होती है। बालक को इससे बचाने के लिए परिवार की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है परिवार में बच्चे या किशोरों से मित्रतापूर्ण व्यवहार करके संबंध सही कर सकते है जिससे इनमें जो भी समस्या आए तो वह अपने परिवार के साथ बात करके उस समस्या को दूर कर सकते हैं। संज्ञानात्मक कार्य भी तनाव को दूर करता है क्योंकि बालक यदि सही क्रम में अपने कार्य को करता है तो इससे उन्हें तनाव नहीं होता है इसीलिए यह दोनों ही कारक बालक व किशोरों को तनाव से उबरने में मदद करता है। अत: I तथा II दोनों सही है।