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Q: Which of the following slows down the reaction rate?/निम्नलिखित में से कौन-सा प्रतिक्रिया की दर को धीमा करता है?
  • A. Catalytic promoter/उत्प्रेरक वर्धक
  • B. Homogeneous catalyst/समांगी उत्प्रेरक
  • C. Heterogeneous catalyst/विषमांगी उत्प्रेरक
  • D. None of the above/उपर्युक्त मेें से कोई नहीं
Correct Answer: Option D - मन्द प्रतिक्रियाएँ वे है जिनके वेग साधारण ताप पर मापे जा सकते है तथा इन प्रतिक्रियाओं की क्रियाविधि का अध्ययन आसानी से किया जा सकता है। प्रतिक्रियाओं की दर को विष धीमा करता है। एक उत्प्रेरक की उपस्थिति मेें प्रतिक्रिया का वेग अधिक या कम हो जाता है। उत्प्रेरक की उपस्थिति में प्रतिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा की क्रिया विधि बदल जाती है। धन उत्प्रेरक सक्रिय ऊर्जा को घटा देता है जिससे प्रक्रिया तेजी से होने लगती है। ऋणात्मक उत्प्रेरक सक्रिया ऊर्जा को बढ़ा देता है जिससे प्रतिक्रिया का वेग घट जाता है। वैसी प्रतिक्रियाएँ जिसमें प्रतिकारक एक ही प्रावस्था में रहते है समांगी प्रतिक्रियायें कहलाती है। वैसी प्रतिक्रियाएँ जिसमें प्रतिकार एक से अधिक प्रावस्था में रहती है विषमांगी प्रतिक्रिया कहलाती है। अत: कोई भी विकल्प सही नहीं है।
D. मन्द प्रतिक्रियाएँ वे है जिनके वेग साधारण ताप पर मापे जा सकते है तथा इन प्रतिक्रियाओं की क्रियाविधि का अध्ययन आसानी से किया जा सकता है। प्रतिक्रियाओं की दर को विष धीमा करता है। एक उत्प्रेरक की उपस्थिति मेें प्रतिक्रिया का वेग अधिक या कम हो जाता है। उत्प्रेरक की उपस्थिति में प्रतिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा की क्रिया विधि बदल जाती है। धन उत्प्रेरक सक्रिय ऊर्जा को घटा देता है जिससे प्रक्रिया तेजी से होने लगती है। ऋणात्मक उत्प्रेरक सक्रिया ऊर्जा को बढ़ा देता है जिससे प्रतिक्रिया का वेग घट जाता है। वैसी प्रतिक्रियाएँ जिसमें प्रतिकारक एक ही प्रावस्था में रहते है समांगी प्रतिक्रियायें कहलाती है। वैसी प्रतिक्रियाएँ जिसमें प्रतिकार एक से अधिक प्रावस्था में रहती है विषमांगी प्रतिक्रिया कहलाती है। अत: कोई भी विकल्प सही नहीं है।

Explanations:

मन्द प्रतिक्रियाएँ वे है जिनके वेग साधारण ताप पर मापे जा सकते है तथा इन प्रतिक्रियाओं की क्रियाविधि का अध्ययन आसानी से किया जा सकता है। प्रतिक्रियाओं की दर को विष धीमा करता है। एक उत्प्रेरक की उपस्थिति मेें प्रतिक्रिया का वेग अधिक या कम हो जाता है। उत्प्रेरक की उपस्थिति में प्रतिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा की क्रिया विधि बदल जाती है। धन उत्प्रेरक सक्रिय ऊर्जा को घटा देता है जिससे प्रक्रिया तेजी से होने लगती है। ऋणात्मक उत्प्रेरक सक्रिया ऊर्जा को बढ़ा देता है जिससे प्रतिक्रिया का वेग घट जाता है। वैसी प्रतिक्रियाएँ जिसमें प्रतिकारक एक ही प्रावस्था में रहते है समांगी प्रतिक्रियायें कहलाती है। वैसी प्रतिक्रियाएँ जिसमें प्रतिकार एक से अधिक प्रावस्था में रहती है विषमांगी प्रतिक्रिया कहलाती है। अत: कोई भी विकल्प सही नहीं है।