Correct Answer:
Option D - झरने (springs):- जब ऊँचाई पर रूका भौम जल किसी कारण (भूमि के कटने-फटने, दरार आदि) से भूमि की सतह पर प्रगट हो जाता है उसे झरना कहते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों की घाटियों में, नदियों की ढलानों पर भूमि तल के कट-फट जाने से भौम जल जो ऊँचाई पर प्रवेश्य स्तर में रूका हुआ होता है, रास्ता मिलने पर बाहर निकलने लगता है और झरने का रूप ले लेता है।
∎ पहाड़ी ढलानों पर स्थित झरने में जल अशुद्धियों से मुक्त होता है अर्थात् जल प्राय: साफ व शुद्ध होता है। जो बिना किसी उपचार के पेय जल के लिए उपयोग किया जा सकता है।
D. झरने (springs):- जब ऊँचाई पर रूका भौम जल किसी कारण (भूमि के कटने-फटने, दरार आदि) से भूमि की सतह पर प्रगट हो जाता है उसे झरना कहते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों की घाटियों में, नदियों की ढलानों पर भूमि तल के कट-फट जाने से भौम जल जो ऊँचाई पर प्रवेश्य स्तर में रूका हुआ होता है, रास्ता मिलने पर बाहर निकलने लगता है और झरने का रूप ले लेता है।
∎ पहाड़ी ढलानों पर स्थित झरने में जल अशुद्धियों से मुक्त होता है अर्थात् जल प्राय: साफ व शुद्ध होता है। जो बिना किसी उपचार के पेय जल के लिए उपयोग किया जा सकता है।