Correct Answer:
Option C - ऐसे पदार्थ जिनकी चालकता, अचालक (इन्सुलेटर) तथा चालक के मध्य होती है अर्ध चालक पदार्थ कहलाते हैं।
• अर्ध चालकों के सबसे बाहरी कक्षा में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं जिन्हें संयोजी इलेक्ट्रॉन कहते है।
• अर्ध चालकों का प्रतिरोध ताप गुणांक ऋणात्मक होता है। अर्थात् तापमान बढ़ने पर इनका प्रतिरोध घटता है।
• अशुद्ध पदार्थों को मिलाकर अर्धचालक पदार्थों के विधुतीय गुणों तथा उनकी दक्षता में परिवर्तन किया जा सकता है।
• सिलिकॉन, जर्मेनियम, सेलेनियम इत्यादि अर्धचालक पदार्थ है।
C. ऐसे पदार्थ जिनकी चालकता, अचालक (इन्सुलेटर) तथा चालक के मध्य होती है अर्ध चालक पदार्थ कहलाते हैं।
• अर्ध चालकों के सबसे बाहरी कक्षा में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं जिन्हें संयोजी इलेक्ट्रॉन कहते है।
• अर्ध चालकों का प्रतिरोध ताप गुणांक ऋणात्मक होता है। अर्थात् तापमान बढ़ने पर इनका प्रतिरोध घटता है।
• अशुद्ध पदार्थों को मिलाकर अर्धचालक पदार्थों के विधुतीय गुणों तथा उनकी दक्षता में परिवर्तन किया जा सकता है।
• सिलिकॉन, जर्मेनियम, सेलेनियम इत्यादि अर्धचालक पदार्थ है।