Correct Answer:
Option B - कल्पसूत्र में महावीर के जन्म का चित्रण है। कल्पसूत्र नामक जैनग्रन्थ में तीर्थंकरों (पार्श्वनाथ, महावीर स्वामी आदि) का जीवन चरित वर्णित है। कल्पसूत्र में उल्लेख किया गया है कि ‘पार्श्वनाथ’ क्षत्रिय थे। भद्रबाहु इसके रचयिता माने जाते हैं। पारंपरिक रूप से मान्यता है कि इस ग्रन्थ की रचना महावीर स्वामी के निर्वाण के 150 वर्ष बाद हुई। आठ दिवसीय पर्यूषण पर्व के समय जैन साधु एवं साध्वी कल्पसूत्र का पाठ करते हैं।
B. कल्पसूत्र में महावीर के जन्म का चित्रण है। कल्पसूत्र नामक जैनग्रन्थ में तीर्थंकरों (पार्श्वनाथ, महावीर स्वामी आदि) का जीवन चरित वर्णित है। कल्पसूत्र में उल्लेख किया गया है कि ‘पार्श्वनाथ’ क्षत्रिय थे। भद्रबाहु इसके रचयिता माने जाते हैं। पारंपरिक रूप से मान्यता है कि इस ग्रन्थ की रचना महावीर स्वामी के निर्वाण के 150 वर्ष बाद हुई। आठ दिवसीय पर्यूषण पर्व के समय जैन साधु एवं साध्वी कल्पसूत्र का पाठ करते हैं।