Correct Answer:
Option A - मानव जीवन में समय-समय पर अनेकानेक समस्याएँ आती रहती हैं। इनके परिणामस्वरूप मानव में तनाव, द्वन्द, संघर्ष, विफलता, निराशा जैसी प्रवृत्तियाँ जन्म लेती हैं जिनके कारण वह अपने जीवन से विमुख होने का प्रयत्न करता है। ऐसी परिस्थितियों से बचाने के लिए अच्छा शिक्षक देकर छात्रों को प्रारम्भ से ही समस्या समाधान विधि से शिक्षण छात्रों में तर्क एवं निर्णय के द्वारा किसी भी समस्या को सुलझाने की क्षमता का विकास करता है।
रॉबर्ट गेने के अनुसार, ‘‘दो या दो से अधिक सीखे गये प्रत्यय या अधिनियमों को एक उच्च स्तरीय अधिनियम के रूप में विकसित किया जाता है, उसे समस्या समाधान कहते है।’’ बॉसिंग ने समस्या समाधान प्रविधि के निम्नलिखित सोपान बताये हैं–
a. कठिनाई या समस्या की अभिस्वीकृति
b. कठिनाई की समस्या के रूप में व्याख्या
c. समस्या समाधान के लिए कार्य करना
i. तथ्यों का संग्रह करना
ii. तथ्यों का संगठन करना
iii. तथ्यों का विश्लेषण करना
d. निष्कर्ष निकालना
e. निष्कर्षों को प्रयोग में लाना।
अत: उपर्युक्त प्रश्न में तीनों बिंदु (I) (II) तथा (III) सही है।
A. मानव जीवन में समय-समय पर अनेकानेक समस्याएँ आती रहती हैं। इनके परिणामस्वरूप मानव में तनाव, द्वन्द, संघर्ष, विफलता, निराशा जैसी प्रवृत्तियाँ जन्म लेती हैं जिनके कारण वह अपने जीवन से विमुख होने का प्रयत्न करता है। ऐसी परिस्थितियों से बचाने के लिए अच्छा शिक्षक देकर छात्रों को प्रारम्भ से ही समस्या समाधान विधि से शिक्षण छात्रों में तर्क एवं निर्णय के द्वारा किसी भी समस्या को सुलझाने की क्षमता का विकास करता है।
रॉबर्ट गेने के अनुसार, ‘‘दो या दो से अधिक सीखे गये प्रत्यय या अधिनियमों को एक उच्च स्तरीय अधिनियम के रूप में विकसित किया जाता है, उसे समस्या समाधान कहते है।’’ बॉसिंग ने समस्या समाधान प्रविधि के निम्नलिखित सोपान बताये हैं–
a. कठिनाई या समस्या की अभिस्वीकृति
b. कठिनाई की समस्या के रूप में व्याख्या
c. समस्या समाधान के लिए कार्य करना
i. तथ्यों का संग्रह करना
ii. तथ्यों का संगठन करना
iii. तथ्यों का विश्लेषण करना
d. निष्कर्ष निकालना
e. निष्कर्षों को प्रयोग में लाना।
अत: उपर्युक्त प्रश्न में तीनों बिंदु (I) (II) तथा (III) सही है।