Explanations:
260 km² या इससे कम क्षेत्रफल होने पर समतल सर्वेक्षण किया जाता है क्योंकि इसमें अन्तर बहुत ही कम आता है। इंजीनियरी कार्यो के लिए समतल सर्वेक्षण ही ज्यादा अपनाया जाता है। यदि क्षेत्रफल 260 km² से अधिक है तो पृथ्वी की गोलाई ध्यान में रखी जाती है और इस दौरान भू–पृष्ठीय सर्वेक्षण किया जाता है।