Explanations:
पारा ऊष्मा का उत्तम चालक है। इसका ऊष्मीय प्रसार गुणांक उच्च होता है। जिससे तापमान में होने वाले बहुत कम परिवर्तन को भी ज्ञात किया जा सकता है। पारे के इसी गुण के कारण पारे का प्रयोग तापमापियों में किया जाता है। ऊष्मा का मात्रक जूल है। ऊष्मा ऊर्जा का ही एक रूप है परन्तु यह वह ऊर्जा है जो एक वस्तु से दूसरी वस्तु में केवल तापान्तर (Temperature difference) के कारण स्थानान्तरित होती है।