Correct Answer:
Option B - CaCl₂ की जलग्राही प्रकृति अधिशोषण का व्यवहारिक अनुप्रयोग नहीं है। CaCl₂ की जल ग्राही प्रकृति अवशोषण (Absorption) पर आधारित है क्योंकि अवशोषण वह प्रक्रिया है जिसमें पदार्थ के कण ठोंस के पृष्ठ को भेदकर पदार्थ के स्थूल (Bulk) भाग में प्रवेश कर जाते हैं। अत: CaCl₂ वायुमण्डल से नमी को अवशोषित करता है। अवशोषण पदार्थ के अन्त:स्थ (Interior) में होता है जबकि अधिशोषण अधिशोषक के पृष्ठ (Surface) पर होता है।
अधिशोषण के कुछ महत्वपूर्ण अनुप्रयोग निम्नलिखित है।
(i) जहरीले गैसो से बचने के लिए सक्रिय चारकोल का उपयोग करके गैस मास्क तैयार करने में।
(ii) उच्च वैक्यूम बनाने के लिए चारकोल का प्रयोग।
(iii) विषम उत्प्रेरण में।
(ग्न्) साबुन और डिटर्जेन्ट की सफाई कार्य में।
B. CaCl₂ की जलग्राही प्रकृति अधिशोषण का व्यवहारिक अनुप्रयोग नहीं है। CaCl₂ की जल ग्राही प्रकृति अवशोषण (Absorption) पर आधारित है क्योंकि अवशोषण वह प्रक्रिया है जिसमें पदार्थ के कण ठोंस के पृष्ठ को भेदकर पदार्थ के स्थूल (Bulk) भाग में प्रवेश कर जाते हैं। अत: CaCl₂ वायुमण्डल से नमी को अवशोषित करता है। अवशोषण पदार्थ के अन्त:स्थ (Interior) में होता है जबकि अधिशोषण अधिशोषक के पृष्ठ (Surface) पर होता है।
अधिशोषण के कुछ महत्वपूर्ण अनुप्रयोग निम्नलिखित है।
(i) जहरीले गैसो से बचने के लिए सक्रिय चारकोल का उपयोग करके गैस मास्क तैयार करने में।
(ii) उच्च वैक्यूम बनाने के लिए चारकोल का प्रयोग।
(iii) विषम उत्प्रेरण में।
(ग्न्) साबुन और डिटर्जेन्ट की सफाई कार्य में।