Correct Answer:
Option A - टिनोफोरा (Ctenophora)-
(i) टिनोफेरा नाम स्केबोल्ट द्वारा दिया गया।
(ii) इस संघ के सदस्यों को समुद्री अखरोट या कंकाल जैली (म्दस्ंरात्त्गे) कहते हैं।
(iii) इसके सभी सदस्य समुद्री होते हैं।
(iv) इन जन्तुओं में अरीय समिमित, द्विकोरिक और ऊतक श्रेणी का शारीरिक संगठन पाया जाता है।
(v) इनके शरीर में 8 पक्ष्माभी कंकत पट्टिका पाई जाती है, जो चलने में सहायक होती है।
(vi) इनमें पाचन अंतर कोशिकीय प्रकार का होता है।
(vii) ये उभयलिंगी जीव होते हैं।
A. टिनोफोरा (Ctenophora)-
(i) टिनोफेरा नाम स्केबोल्ट द्वारा दिया गया।
(ii) इस संघ के सदस्यों को समुद्री अखरोट या कंकाल जैली (म्दस्ंरात्त्गे) कहते हैं।
(iii) इसके सभी सदस्य समुद्री होते हैं।
(iv) इन जन्तुओं में अरीय समिमित, द्विकोरिक और ऊतक श्रेणी का शारीरिक संगठन पाया जाता है।
(v) इनके शरीर में 8 पक्ष्माभी कंकत पट्टिका पाई जाती है, जो चलने में सहायक होती है।
(vi) इनमें पाचन अंतर कोशिकीय प्रकार का होता है।
(vii) ये उभयलिंगी जीव होते हैं।