Correct Answer:
Option C - इलेक्ट्रॉन बन्धुता आवर्त सारणी में बांये से दांए जाने पर बढ़ती है क्योंकि कोशों की संख्या किसी आवर्त में वही रहती है जबकि नाभिक इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ती है।
अत: किसी आवर्त में आगे की ओर जाने पर तत्वों की इलेक्ट्रॉन बन्धुताएँ सामान्यत: हैलोजन तक बढ़ती है, क्योंकि परमाणु त्रिज्याएँ घटती है।
C. इलेक्ट्रॉन बन्धुता आवर्त सारणी में बांये से दांए जाने पर बढ़ती है क्योंकि कोशों की संख्या किसी आवर्त में वही रहती है जबकि नाभिक इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ती है।
अत: किसी आवर्त में आगे की ओर जाने पर तत्वों की इलेक्ट्रॉन बन्धुताएँ सामान्यत: हैलोजन तक बढ़ती है, क्योंकि परमाणु त्रिज्याएँ घटती है।