1.8 मी. लम्बी एक ऊर्ध्वाधर छड़ जमीन पर 45 सेमी. की परछाई निरूपति करती है। उसी समय 6 मी. ऊँचे एक स्तम्भ की परछाई की लम्बाई होगी :
प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप के कलाकार हैं─
Which of the following statements is correct with reference to the Karachi Session of the Congress (1931)? निम्नलिखित में से कौन सा कथन कांग्रेस के कराची सत्र (1931) के संदर्भ में सही है?
एक छात्र द्वारा 5 विषयों में प्राप्त औसत अंक 75 है। उसके पहले 2 विषयों का औसत 65 है। उसके अंतिम 2 विषयों का औसत 85 है। उसे तीसरे विषय में कितने अंक प्राप्त हुए हैं?
What is the term for the large cauldron-like hollow formed when a volcano erupts and collapses? ज्वालामुखी के फटने और धंसने पर बनने वाले बड़े देग जैसे खोखले को क्या कहते हैं।
बिहार में ग्रामीण शहरी जनसंख्या का क्या अनुपात है?
इस वर्ष तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 सदस्यों वाले एक परिवार की औसत आयु 39 वर्ष है। यह मानते हुए कि छह वर्ष बाद परिवार एक नवजात बच्चे को गोद लेता है, अब से 10 वर्ष बाद परिवार की औसत आयु क्या होगी?
निर्देश : नीचे दिए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 325से 333) के सही/सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। उत्तर भारत के संत कवि कबीर और दक्षिण भारत के संत कवि तिरुवल्लुवर के समय में लगभग दो हजार वर्ष का अंतराल है किंतु इन दोनों महाकवियों के जीवन में अद्भभुत साम्य पाया जाता है। दोनों के माता-पिता ने जन्म देकर इन्हें त्याग दिया था, दोनों का लालन-पालन निस्संतान ने बड़े स्नेह और जतन से किया था। व्यवसाय से दोनों जुलाहे थे। दोनों ने सात्विक गृहस्थ जीवन की साधना की थी। तिरुवल्लुवर का प्रामाणिक जीवन-वृत्तांत प्राप्त नहीं होता। प्राय: उन्हें चेन्नई के निकट मइलापुर गाँव का जुलाहा माना जाता है किंतु कुछ लोगों के अनुसार वे राजा एल्लाल के शासन में एक बड़े पदाधिकारी थे और उन्हें वैसा ही सम्मान प्राप्त था जैसा चंद्रगुप्त के शासनकाल में चाणक्य को। उनके बारे में अनेक दंतकथाएँ प्रचलित हैं। जैसे कहा जाता है कि एक संन्यासी नारी जाति से घृणा करता था। उसका विश्वास था कि स्त्रियाँ बुराई की जड़ हैं और उनके साथ ईश्वर-भक्ति हो ही नहीं सकती। तिरुवल्लुवर ने बड़े आदर से उसे अपने घर बुलाया। दो दिन उनके परिवार में रहकर सन्यासी के विचार ही बदल गए। उसने कहा, ‘यदि तिरूवल्लुवर और उनकी पत्नी जैसी जोड़ी हो तो गृहस्थ जीवन ही श्रेष्ठ है।’’ कबीर के दोहों की भाँति तिरुवल्लुवर ने भी छोटे छंद में कविता रची जिसे ‘कुरल’ कहा जाता है। कुरलों का संग्रह उनका एकमात्र ग्रंथ है ‘तिरुवल्लुवर’। तिरुवल्लुरल को तमिल भाषा का वेद माना जाता है। इसका प्रत्येक कुरल एक सूक्ति है और सूक्तियाँ सभी धर्मों का सार है। संपूर्ण मानवजाति को शुभ के लिए प्रेरित करना ही इसका उद्देश्य प्रतीत होता है। जैसे धर्म के बारे में दो कुरलो का आशय है : ⦁ भद्र पुरूषों! पवित्र मानव होना ही धर्म है। स्वच्छ मन वाले बनो और देखो तुम उन्नति के शिखर पर कहाँ-से-कहाँ पहुँच जाते हो। ⦁ झूठ न बोलने के गुण को ग्रहण करो तो किसी अन्य धर्म की आवश्यकता ही न रहेगी। यदि कबीर का समय पंद्रहवीं शताब्दी ईसवी है तो तिरुवल्लुर का समय होगा :
After the decline of the Mughal Empire, which power controlled the city of Agra before it was taken over by the British in 1803?
If three resistors of 3Ω, 2 Ω and 6 Ω are connected in series combination with a 9 V battery, then the potential difference across the 6 Ω resistor will be:
Explanations:
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