Correct Answer:
Option C - यशोधर पण्डित 11वीं शताब्दी में कामसूत्र की ‘टीका’ ‘जयमंगला’ नाम से प्रस्तुत की। कामसूत्र के तीसरे अधिकरण के तीसरे अध्याय की टीका करते हुए आलेख्य (चित्रकला) के छ: अंग बताए।
• वात्स्यायन ने ‘काम सूत्र’ में 64 कलाओं का वर्णन किया है।
• केशवदास ने -कवि प्रिया, रसिक प्रिया तथा नलदमयन्ती की रचना की।
C. यशोधर पण्डित 11वीं शताब्दी में कामसूत्र की ‘टीका’ ‘जयमंगला’ नाम से प्रस्तुत की। कामसूत्र के तीसरे अधिकरण के तीसरे अध्याय की टीका करते हुए आलेख्य (चित्रकला) के छ: अंग बताए।
• वात्स्यायन ने ‘काम सूत्र’ में 64 कलाओं का वर्णन किया है।
• केशवदास ने -कवि प्रिया, रसिक प्रिया तथा नलदमयन्ती की रचना की।