Explanations:
महालवाड़ी व्यवस्था सर्वप्रथम 1819 ई. में हॉल्ट मैकेन्जी द्वारा लायी गयी थी। यह व्यवस्था सर्वप्रथम उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश तथा पंजाब में लागू की गई। इस व्यवस्था के अन्तर्गत 30% भू-भाग आता था। इस व्यवस्था में लगान के निर्धारण के लिए गाँव के समूह को एक इकाई माना गया तथा कर वसूली की जिम्मेदारी गाँव के मुखिया को दिया गया। भूमिकर उपज का 80% निर्धारित किया गया। जिससे व्यवस्था में समस्या उत्पन्न होने लगी। 1833 में विलियम बैंटिक के समय इसमें संशोधन मार्टिन बर्ड तथा जेम्स टामसन ने किया। इसकी अवधि 30 वर्ष रखा गया तथा भू-राजस्व में सरकार का हिस्सा 66% रखा गया। इस सुधार के कारण मार्टिन वर्ड को उत्तर भारत में भू-व्यवस्था का जनक कहा गया।