Explanations:
गुलाम वंश/ममलुक वंशीय सुल्तान नासिरूद्दीन महमूद (1246-1265 ई.) के शासन काल में उत्तर-पश्चिमी भारत में मंगोल व विद्रोही सरदारों ने दिल्ली की स्थिति दुर्बल कर दी। 1249 ई. में बनिहान के शासक सैफुद्दीन कार्लुग ने मुल्तान पर जबकि किश्लु खां ने मंगोल नेता हलाकू खां तथा अवध के सूबेदार कुतलुग खां के सहयोग से दिल्ली पर अधिकार करने का प्रयास किया किन्तु बलबन ने इस हमले को विफल कर दिया जिसके कारण इसे सुल्तान द्वारा उलुग खां की उपाधि दी गयी थी।