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Q: Who is the author of Jain literature Kuvalayamala? जैन ग्रंथ कुवलयमाला का लेखक कौन था?
  • A. Uddyotana Suri/उद्योतन सूरि
  • B. Haribhadra/हरिभद्र
  • C. Maheshara Suri/महेशरा सूरि
  • D. Gunachandra/गुणचन्द्र
Correct Answer: Option A - जैन ग्रन्थ कुवलयमाला के लेखक उद्योतन सुरि हैं। इस ग्रंथ की रचना उद्योतन सूरि द्वारा जालौर में रहकर 778 ईस्वी के आस-पास की थी यह एक तरह से प्राकृत ग्रंथ है। इस ग्रन्थ में 18 देसी भाषाओं का उल्लेख किया गया है। इन 18 भाषाओं में पश्चिमी राजस्थान की मरु भाषा का भी उल्लेख मिलता है।
A. जैन ग्रन्थ कुवलयमाला के लेखक उद्योतन सुरि हैं। इस ग्रंथ की रचना उद्योतन सूरि द्वारा जालौर में रहकर 778 ईस्वी के आस-पास की थी यह एक तरह से प्राकृत ग्रंथ है। इस ग्रन्थ में 18 देसी भाषाओं का उल्लेख किया गया है। इन 18 भाषाओं में पश्चिमी राजस्थान की मरु भाषा का भी उल्लेख मिलता है।

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जैन ग्रन्थ कुवलयमाला के लेखक उद्योतन सुरि हैं। इस ग्रंथ की रचना उद्योतन सूरि द्वारा जालौर में रहकर 778 ईस्वी के आस-पास की थी यह एक तरह से प्राकृत ग्रंथ है। इस ग्रन्थ में 18 देसी भाषाओं का उल्लेख किया गया है। इन 18 भाषाओं में पश्चिमी राजस्थान की मरु भाषा का भी उल्लेख मिलता है।