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Q: Who is the founder of the Arya Samaj? आर्य समाज के संस्थापक कौन हैं?
  • A. Swami Vivekananda/स्वामी विवेकानन्द
  • B. Swani Agnivesh/स्वामी अग्निवेश
  • C. Swami Dayanand/स्वामी दयानन्द
  • D. Pandit Vishnu Shastri/पंडित विष्णु शास्त्री
Correct Answer: Option C - वर्ष 1875 में स्वामी दयानंद सरस्वती ने बम्बई में आर्य समाज की स्थापना की। कुछ समय पश्चात आर्य समाज का मुख्यालय लाहौर में स्थापित किया गया। आर्य समाज द्वारा ‘शुद्धि आंदोलन’ चलाया गया था। इसके अन्तर्गत हिन्दू धर्म का परित्याग कर अन्य धर्म अपनाने वाले लोगों के लिए पुन: धर्म में वापसी के द्वार खोल दिये गये। आर्य समाज का दूसरा आन्दोलन गौ रक्षा आन्दोलन था। गायों की रक्षा हेतु ‘गौ रक्षिणी सभा’ की स्थापना की गयी थी। नोट- वर्ष 1882 में आर्य महिला समाज की स्थापना पंडिता रमाबाई द्वारा की गयी थी। वह एक प्रतिष्ठित भारतीय समाज सुधारिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता थीं और भारतीय महिलाओं के उत्थान की प्रबल समर्थक थीं।
C. वर्ष 1875 में स्वामी दयानंद सरस्वती ने बम्बई में आर्य समाज की स्थापना की। कुछ समय पश्चात आर्य समाज का मुख्यालय लाहौर में स्थापित किया गया। आर्य समाज द्वारा ‘शुद्धि आंदोलन’ चलाया गया था। इसके अन्तर्गत हिन्दू धर्म का परित्याग कर अन्य धर्म अपनाने वाले लोगों के लिए पुन: धर्म में वापसी के द्वार खोल दिये गये। आर्य समाज का दूसरा आन्दोलन गौ रक्षा आन्दोलन था। गायों की रक्षा हेतु ‘गौ रक्षिणी सभा’ की स्थापना की गयी थी। नोट- वर्ष 1882 में आर्य महिला समाज की स्थापना पंडिता रमाबाई द्वारा की गयी थी। वह एक प्रतिष्ठित भारतीय समाज सुधारिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता थीं और भारतीय महिलाओं के उत्थान की प्रबल समर्थक थीं।

Explanations:

वर्ष 1875 में स्वामी दयानंद सरस्वती ने बम्बई में आर्य समाज की स्थापना की। कुछ समय पश्चात आर्य समाज का मुख्यालय लाहौर में स्थापित किया गया। आर्य समाज द्वारा ‘शुद्धि आंदोलन’ चलाया गया था। इसके अन्तर्गत हिन्दू धर्म का परित्याग कर अन्य धर्म अपनाने वाले लोगों के लिए पुन: धर्म में वापसी के द्वार खोल दिये गये। आर्य समाज का दूसरा आन्दोलन गौ रक्षा आन्दोलन था। गायों की रक्षा हेतु ‘गौ रक्षिणी सभा’ की स्थापना की गयी थी। नोट- वर्ष 1882 में आर्य महिला समाज की स्थापना पंडिता रमाबाई द्वारा की गयी थी। वह एक प्रतिष्ठित भारतीय समाज सुधारिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता थीं और भारतीय महिलाओं के उत्थान की प्रबल समर्थक थीं।