Correct Answer:
Option A - महात्मा गांधी ने शिक्षा प्रक्रिया में उत्पादक कार्य को अनिवार्य रूप से शिक्षा के माध्यम के रूप में शामिल करने की बात कही ताकि भविष्य में उनकी जरूरतों को पूरा करने में उन्हें सक्षम बनाया जा सके।
गाँधी जी केवल राजनीतिज्ञ ही नही थे बल्कि एक महान समाज सुधारक एवं सुप्रसिद्ध शिक्षा शास्त्री थे। उनका शिक्षा सम्बन्धी सिद्धान्त बेसिक शिक्षा का व्यवहारिक रूप था। गांधी जी की बुनियादी शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को शिल्प पर शिक्षित करना था। जिससे वे अपनी आजीविका की समस्याओं को हल कर सकें और साथ ही साथी अच्छी नागरिकता के गुणों का विकास कर सकें।
A. महात्मा गांधी ने शिक्षा प्रक्रिया में उत्पादक कार्य को अनिवार्य रूप से शिक्षा के माध्यम के रूप में शामिल करने की बात कही ताकि भविष्य में उनकी जरूरतों को पूरा करने में उन्हें सक्षम बनाया जा सके।
गाँधी जी केवल राजनीतिज्ञ ही नही थे बल्कि एक महान समाज सुधारक एवं सुप्रसिद्ध शिक्षा शास्त्री थे। उनका शिक्षा सम्बन्धी सिद्धान्त बेसिक शिक्षा का व्यवहारिक रूप था। गांधी जी की बुनियादी शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को शिल्प पर शिक्षित करना था। जिससे वे अपनी आजीविका की समस्याओं को हल कर सकें और साथ ही साथी अच्छी नागरिकता के गुणों का विकास कर सकें।