Correct Answer:
Option C - 1925 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में श्रीमती सरोजिनी नायडू को चुना गया था। वह 1925 में कानपुर में आयोजित कांग्रेस के अधिवेशन की अध्यक्षता करने वाली पहली भारतीय महिला बनी। आशा और साहस की अभिव्यक्ति में उन्होंने कहा, ‘‘स्वतंत्रता की लड़ाई में, भय एक अक्षम्य विश्वासघात और निराशा, एक अक्षम्य पाप है।’’
C. 1925 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में श्रीमती सरोजिनी नायडू को चुना गया था। वह 1925 में कानपुर में आयोजित कांग्रेस के अधिवेशन की अध्यक्षता करने वाली पहली भारतीय महिला बनी। आशा और साहस की अभिव्यक्ति में उन्होंने कहा, ‘‘स्वतंत्रता की लड़ाई में, भय एक अक्षम्य विश्वासघात और निराशा, एक अक्षम्य पाप है।’’