Correct Answer:
Option B - स्वामी सहजानंद सरस्वती को बिहार का उग्र कृषक नेता कहा जाता है। अपनी विद्रोही गतिविधियो के कारण इन्हे 1922-23 में गाजीपुर, बनारस, फैजाबाद तथा लखनऊ जेलों में रहना पड़ा। आरंभ में इनका कार्यक्षेत्र बक्सर, भभुआ तथा शाहबाद था, परन्तु 1924 के बाद से सम्पूर्ण बिहार में प्रसिद्ध हो गए। 1927 में बिहार (पटना) में ‘सीताराम आश्रम’ को केन्द्र बनाकर अपनी गतिविधियों का संचालन किया। उन्होंने सन् 1929 में बिहार किसान सभा का गठन किया था। सन् 1936 में इनके प्रयासों से लखनऊ में अखिल भारतीय किसान सभा का गठन किया तथा इसके प्रथम अध्यक्ष स्वामी सहजानन्द सरस्वती एवं महासचिव एन.जी. रंगा थे। राजकुमार शुक्ला ने महात्मा गांधी को चम्पारन में किसानों की दयनीय स्थिति से अवगत कराया तथा उन्हें चम्पारन आने हेतु आमंत्रित किया।
B. स्वामी सहजानंद सरस्वती को बिहार का उग्र कृषक नेता कहा जाता है। अपनी विद्रोही गतिविधियो के कारण इन्हे 1922-23 में गाजीपुर, बनारस, फैजाबाद तथा लखनऊ जेलों में रहना पड़ा। आरंभ में इनका कार्यक्षेत्र बक्सर, भभुआ तथा शाहबाद था, परन्तु 1924 के बाद से सम्पूर्ण बिहार में प्रसिद्ध हो गए। 1927 में बिहार (पटना) में ‘सीताराम आश्रम’ को केन्द्र बनाकर अपनी गतिविधियों का संचालन किया। उन्होंने सन् 1929 में बिहार किसान सभा का गठन किया था। सन् 1936 में इनके प्रयासों से लखनऊ में अखिल भारतीय किसान सभा का गठन किया तथा इसके प्रथम अध्यक्ष स्वामी सहजानन्द सरस्वती एवं महासचिव एन.जी. रंगा थे। राजकुमार शुक्ला ने महात्मा गांधी को चम्पारन में किसानों की दयनीय स्थिति से अवगत कराया तथा उन्हें चम्पारन आने हेतु आमंत्रित किया।