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Q: With regard to the self balancing ledger system, which of the following statements is correct ?/ स्वसंतुलन खाता-बही प्रणाली के संबंध मे, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? Statement (i) : Under self-balancing ledger system, each ledger is prepared according to the double entry system and a complete balance statement can also be prepared taking the balance of the ledger account. कथन(I): स्वसंतुलन खाता-बही प्रणाली के अंतर्गत प्रत्येक खाता-बही को दोहरी प्रविष्टि प्रणाली के अनुसार तैयार किया जाता है और खाता बही लेखा की शेष राशि को लेकर एक पूर्ण शेष-परीक्षण भी तैयार किया जा सकता है। Statement (ii) : The principles of double entry are followed within the account itself : कथन (II) : खाते के भीतर ही दोहरी प्रविष्टि के सिद्धांतों को पूरा किया जाता है।
  • A. Both statement (i) and statement (ii) are correct/कथन (i) और कथन (ii) दोनों सही है
  • B. Only statement (i) is correct/केवल कथन (i) सही है
  • C. Only statement (ii) is correct केवल कथन (ii) सही है
  • D. Both statement (i) and statement (ii) are false कथन (i) और कथन (ii) दोनों गलत हैं
Correct Answer: Option A - स्व संतुलन प्रणाली एक ऐसी प्रणाली है जिसके तहत प्रत्येक खाता बही से अलग तलपट निकाला जा सकता है। इस प्रणाली के तहत समायोजन खाते खोलकर खातों का स्व- संतुलन बनाया जाता है। एक स्व-संतुलन प्रणाली के तहत निम्नलिखित खाता बही तैयार किए जाते हैं- 1. देनदार खाताबही (Debtors ledger) -इस खाता बही में केवल व्यापारिक देनदारों के खाते होते है। 2. लेनदार का खाता बही (Creditors ledger) - इस खाता बही में केवल व्यापार लेनदारों के खातों को संग्रहित करना चाहिए। 3. सामान्य खाता बही (General ledger)- व्यापार देनदारों और व्यापार लेनदारों के अलावा, सामान्य खाता बही में शेष सभी खाते होने चाहिए। विशेषताएँ:– 1. स्व-संतुलन खाता बही प्रणाली के अन्तर्गत प्रत्येक खाता बही को दोहरी प्रविष्टि प्रणाली के अनुसार तैयार किया जाता है। 2. खाता बही लेखा की शेष राशि को लेकर एक पूर्ण शेष परीक्षण भी तैयार किया जा सकता है। 3. इसमें खातों के भीतर ही दोहरी प्रविष्टि के सिद्धान्त को पूरा किया जाता है। 4. यह त्रुटियों का स्थानीयकरण करता है और न्यूनतम प्रयासों के साथ त्वरित पहचान में सुविधा प्रदान करता है।
A. स्व संतुलन प्रणाली एक ऐसी प्रणाली है जिसके तहत प्रत्येक खाता बही से अलग तलपट निकाला जा सकता है। इस प्रणाली के तहत समायोजन खाते खोलकर खातों का स्व- संतुलन बनाया जाता है। एक स्व-संतुलन प्रणाली के तहत निम्नलिखित खाता बही तैयार किए जाते हैं- 1. देनदार खाताबही (Debtors ledger) -इस खाता बही में केवल व्यापारिक देनदारों के खाते होते है। 2. लेनदार का खाता बही (Creditors ledger) - इस खाता बही में केवल व्यापार लेनदारों के खातों को संग्रहित करना चाहिए। 3. सामान्य खाता बही (General ledger)- व्यापार देनदारों और व्यापार लेनदारों के अलावा, सामान्य खाता बही में शेष सभी खाते होने चाहिए। विशेषताएँ:– 1. स्व-संतुलन खाता बही प्रणाली के अन्तर्गत प्रत्येक खाता बही को दोहरी प्रविष्टि प्रणाली के अनुसार तैयार किया जाता है। 2. खाता बही लेखा की शेष राशि को लेकर एक पूर्ण शेष परीक्षण भी तैयार किया जा सकता है। 3. इसमें खातों के भीतर ही दोहरी प्रविष्टि के सिद्धान्त को पूरा किया जाता है। 4. यह त्रुटियों का स्थानीयकरण करता है और न्यूनतम प्रयासों के साथ त्वरित पहचान में सुविधा प्रदान करता है।

Explanations:

स्व संतुलन प्रणाली एक ऐसी प्रणाली है जिसके तहत प्रत्येक खाता बही से अलग तलपट निकाला जा सकता है। इस प्रणाली के तहत समायोजन खाते खोलकर खातों का स्व- संतुलन बनाया जाता है। एक स्व-संतुलन प्रणाली के तहत निम्नलिखित खाता बही तैयार किए जाते हैं- 1. देनदार खाताबही (Debtors ledger) -इस खाता बही में केवल व्यापारिक देनदारों के खाते होते है। 2. लेनदार का खाता बही (Creditors ledger) - इस खाता बही में केवल व्यापार लेनदारों के खातों को संग्रहित करना चाहिए। 3. सामान्य खाता बही (General ledger)- व्यापार देनदारों और व्यापार लेनदारों के अलावा, सामान्य खाता बही में शेष सभी खाते होने चाहिए। विशेषताएँ:– 1. स्व-संतुलन खाता बही प्रणाली के अन्तर्गत प्रत्येक खाता बही को दोहरी प्रविष्टि प्रणाली के अनुसार तैयार किया जाता है। 2. खाता बही लेखा की शेष राशि को लेकर एक पूर्ण शेष परीक्षण भी तैयार किया जा सकता है। 3. इसमें खातों के भीतर ही दोहरी प्रविष्टि के सिद्धान्त को पूरा किया जाता है। 4. यह त्रुटियों का स्थानीयकरण करता है और न्यूनतम प्रयासों के साथ त्वरित पहचान में सुविधा प्रदान करता है।