Explanations:
‘याच्ञा मोघा वरमधिगुणे नाधमेलब्धकामा’ इत्यस्मिन् श्लोकांशे ‘अधिगुणे’ इति पदे बहुव्रीहि: समासे अस्ति। अधिक गुण वाले से की गयी याचना निष्फल भी अच्छी है, परन्तु निर्गुण से की गयी याचना सफल कामना वाली भी अच्छी नहीं। ‘अधिगुणे’ - अधिका: गुणा: यस्य तस्मिन् (बहुव्रीहि समास) ‘अधिगुणे’ शब्द मेघदूतम् में आया है।