Correct Answer:
Option B - यास्यत्यद्य शकुन्तलेति हृदयं सम्पृष्टमुत्कण्ठया। श्लोके शार्दूलविक्रीडितम् छन्द: अस्ति। इस श्लोक में शार्दूलविक्रीडित छन्द है।
‘सूर्याश्वै:मसजा स्ततो सततगा शार्दूलविक्रीडितं’ जिसे छन्द केप्रत्येक चरण में क्रमश: मगण, सगण, जगण, सगण, तगण तथा एक गुरु वर्ण आये उसे शार्दूलविक्रीडित कहते है।
ऽ ऽऽ। ।ऽ ।ऽ। ।।ऽ ऽ ऽ। ऽ ऽ। ऽ
यास्यत्यद्य शकुन्तलेति हृदयं संस्पृष्ट मुत्कण्ठया।
B. यास्यत्यद्य शकुन्तलेति हृदयं सम्पृष्टमुत्कण्ठया। श्लोके शार्दूलविक्रीडितम् छन्द: अस्ति। इस श्लोक में शार्दूलविक्रीडित छन्द है।
‘सूर्याश्वै:मसजा स्ततो सततगा शार्दूलविक्रीडितं’ जिसे छन्द केप्रत्येक चरण में क्रमश: मगण, सगण, जगण, सगण, तगण तथा एक गुरु वर्ण आये उसे शार्दूलविक्रीडित कहते है।
ऽ ऽऽ। ।ऽ ।ऽ। ।।ऽ ऽ ऽ। ऽ ऽ। ऽ
यास्यत्यद्य शकुन्तलेति हृदयं संस्पृष्ट मुत्कण्ठया।