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Q: यद्यपि कॉफी और चाय दोनों की खेती पहाड़ी ढलानों पर की जाती है, तथापि इनकी कृषि के सम्बन्ध में इन दोनों में कुछ अंतर पाया जाता है। इस संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए – 1. कॉफी के पौधे को उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों की उष्ण और आर्द्र जलवायु की आवश्यकता होती है, जबकि चाय की खेती उष्णकटिबंधीय और उपोष्ण दोनों क्षेत्रों में की जा सकती है। 2. कॉफी बीजों के द्वारा प्रवर्धित की जाती है, लेकिन चाय केवल डाली कलम के द्वारा प्रवर्धित की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1 और न ही 2
Correct Answer: Option B - कॉफी उष्णकटिबन्धीय सदाबहार पौधा है किन्तु इसके लिए उष्ण के साथ-साथ आर्द्र जलवायु होना चाहिए। इसीलिए कॉफी के बागान मुख्य रूप से उष्णकटिबन्धीय क्षेत्रों में लगाये जाते हैं। चाय की खेती उष्ण और उपोष्ण (Tropical and Subtropical) दोनों क्षेत्रों में की जा सकती है। ऐसे क्षेत्रों में वर्षा की अधिकता तथा जल-निकास की अच्छी व्यवस्था के कारण पहाड़ी/पठारी ढालों पर लैटेराइट मिट्टी का निर्माण होता है, जो कि चाय की खेती के लिए सर्वोत्तम मिट्टी है। इसी प्रकार कॉफी और चाय के प्रवर्धन के संदर्भ में दोनों कथन सही हैं। अर्थात् कॉफी का प्रवर्धन बीजों द्वारा होता है, वहीं चाय के लिए डाली कलम की जाती है।
B. कॉफी उष्णकटिबन्धीय सदाबहार पौधा है किन्तु इसके लिए उष्ण के साथ-साथ आर्द्र जलवायु होना चाहिए। इसीलिए कॉफी के बागान मुख्य रूप से उष्णकटिबन्धीय क्षेत्रों में लगाये जाते हैं। चाय की खेती उष्ण और उपोष्ण (Tropical and Subtropical) दोनों क्षेत्रों में की जा सकती है। ऐसे क्षेत्रों में वर्षा की अधिकता तथा जल-निकास की अच्छी व्यवस्था के कारण पहाड़ी/पठारी ढालों पर लैटेराइट मिट्टी का निर्माण होता है, जो कि चाय की खेती के लिए सर्वोत्तम मिट्टी है। इसी प्रकार कॉफी और चाय के प्रवर्धन के संदर्भ में दोनों कथन सही हैं। अर्थात् कॉफी का प्रवर्धन बीजों द्वारा होता है, वहीं चाय के लिए डाली कलम की जाती है।

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कॉफी उष्णकटिबन्धीय सदाबहार पौधा है किन्तु इसके लिए उष्ण के साथ-साथ आर्द्र जलवायु होना चाहिए। इसीलिए कॉफी के बागान मुख्य रूप से उष्णकटिबन्धीय क्षेत्रों में लगाये जाते हैं। चाय की खेती उष्ण और उपोष्ण (Tropical and Subtropical) दोनों क्षेत्रों में की जा सकती है। ऐसे क्षेत्रों में वर्षा की अधिकता तथा जल-निकास की अच्छी व्यवस्था के कारण पहाड़ी/पठारी ढालों पर लैटेराइट मिट्टी का निर्माण होता है, जो कि चाय की खेती के लिए सर्वोत्तम मिट्टी है। इसी प्रकार कॉफी और चाय के प्रवर्धन के संदर्भ में दोनों कथन सही हैं। अर्थात् कॉफी का प्रवर्धन बीजों द्वारा होता है, वहीं चाय के लिए डाली कलम की जाती है।