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Q: .
  • A. लाला लाजपत राय
  • B. बाल गंगाधर तिलक
  • C. अरबिंदो घोष
  • D. सुभास चंद्र बोस
Correct Answer: Option B - ‘गीता रहस्य’ पुस्तक बाल गंगाधर तिलक द्वारा मराठी भाषा में 1915 में बर्मा के मांडले जेल में लिखी गयी थी। बाल गंगाधर तिलक ने इस पुस्तक में ‘श्रीमद्भगवद् गीता’ के कर्मयोग की वृहद व्याख्या की है। इस ग्रंथ में तिलक ने मनुष्य को उसके संसार में वास्तविक कर्तव्यों का बोध कराया है। महात्मा गाँधी ‘गीतारहस्य’ के प्रशंसक थे तथा उसे अपनी ‘माता’ कहते थे।
B. ‘गीता रहस्य’ पुस्तक बाल गंगाधर तिलक द्वारा मराठी भाषा में 1915 में बर्मा के मांडले जेल में लिखी गयी थी। बाल गंगाधर तिलक ने इस पुस्तक में ‘श्रीमद्भगवद् गीता’ के कर्मयोग की वृहद व्याख्या की है। इस ग्रंथ में तिलक ने मनुष्य को उसके संसार में वास्तविक कर्तव्यों का बोध कराया है। महात्मा गाँधी ‘गीतारहस्य’ के प्रशंसक थे तथा उसे अपनी ‘माता’ कहते थे।

Explanations:

‘गीता रहस्य’ पुस्तक बाल गंगाधर तिलक द्वारा मराठी भाषा में 1915 में बर्मा के मांडले जेल में लिखी गयी थी। बाल गंगाधर तिलक ने इस पुस्तक में ‘श्रीमद्भगवद् गीता’ के कर्मयोग की वृहद व्याख्या की है। इस ग्रंथ में तिलक ने मनुष्य को उसके संसार में वास्तविक कर्तव्यों का बोध कराया है। महात्मा गाँधी ‘गीतारहस्य’ के प्रशंसक थे तथा उसे अपनी ‘माता’ कहते थे।