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  • A. (ii) and (iii)/(ii) और (iii)
  • B. (i) and (iii)/(i) और (iii)
  • C. (i) and (ii)/(i) और (ii)
  • D. Only (i)/केवल (i)
Correct Answer: Option D - ‘अंबुर (अम्बर) का युद्ध’ 1749 ई. में कर्नाटक में नवाबी पद को लेकर हुआ। चंदा साहिब ने नवाबी के पद के लिए डूप्ले का सहयोग लिया तथा दूसरी ओर डूप्ले ने मुजफ्फर जंग के लिए दक्कन की सूबेदारी का समर्थन किया। अंग्रेजों ने अनवरूद्दीन और नासिर जंग को अपना समर्थन दिया। चंदा साहिब ने 1749 ई. में अंबुर में अनवरूद्दीन को पराजित कर मार डाला तथा कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों पर अधिकार कर लिया। लेकिन मुजफ्फर जंग दक्कन की सूबेदारी हेतु अपने भाई नासिर जंग से पराजित हुआ और 1750 ई. में नासिर की मृत्यु के बाद मुजफ्फर जंग दक्कन का सूबेदार बना।
D. ‘अंबुर (अम्बर) का युद्ध’ 1749 ई. में कर्नाटक में नवाबी पद को लेकर हुआ। चंदा साहिब ने नवाबी के पद के लिए डूप्ले का सहयोग लिया तथा दूसरी ओर डूप्ले ने मुजफ्फर जंग के लिए दक्कन की सूबेदारी का समर्थन किया। अंग्रेजों ने अनवरूद्दीन और नासिर जंग को अपना समर्थन दिया। चंदा साहिब ने 1749 ई. में अंबुर में अनवरूद्दीन को पराजित कर मार डाला तथा कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों पर अधिकार कर लिया। लेकिन मुजफ्फर जंग दक्कन की सूबेदारी हेतु अपने भाई नासिर जंग से पराजित हुआ और 1750 ई. में नासिर की मृत्यु के बाद मुजफ्फर जंग दक्कन का सूबेदार बना।

Explanations:

‘अंबुर (अम्बर) का युद्ध’ 1749 ई. में कर्नाटक में नवाबी पद को लेकर हुआ। चंदा साहिब ने नवाबी के पद के लिए डूप्ले का सहयोग लिया तथा दूसरी ओर डूप्ले ने मुजफ्फर जंग के लिए दक्कन की सूबेदारी का समर्थन किया। अंग्रेजों ने अनवरूद्दीन और नासिर जंग को अपना समर्थन दिया। चंदा साहिब ने 1749 ई. में अंबुर में अनवरूद्दीन को पराजित कर मार डाला तथा कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों पर अधिकार कर लिया। लेकिन मुजफ्फर जंग दक्कन की सूबेदारी हेतु अपने भाई नासिर जंग से पराजित हुआ और 1750 ई. में नासिर की मृत्यु के बाद मुजफ्फर जंग दक्कन का सूबेदार बना।