In 1812 A.D., East India Company bought up a land in :?/1812 ई. में ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने भूमि खरीदी थी :
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In which Part of the constitution are the provisions of language? संविधान के किस भाग में भाषा के प्रावधान हैं?
Classification on the basis of income, production, weight etc. is known as आय, उत्पादन, भार आदि पर आधारित वर्गीकरण को कहते हैं
जम्मू-कश्मीर के किस जिले के केसर को जियोग्राफिकल इंडिकेशन का टैग दिया गया है?
In the following, some part of the sentence may have errors. Find out which part of the sentence has an error and select the appropriate option. If a sentence is free from error, select No Error. While provisions on equality and non-discrimination (1)/ would promote equal opportunity, (2)/ in the process, reservation at jobs should not be denied. (3)/ No error. (4)
स्वस्थ शरीर में पेशियाँ सदा ही थोड़ी कसावट की स्थिति में रहती है ताकि प्रत्येक समय क्रिया के लिए तत्पर रहें यह तत्परता कहलाती है।
What is 'Viticulture'? ‘द्राक्षाकृषि’ क्या है?
निर्देश : नीचे दिए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 325से 333) के सही/सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। उत्तर भारत के संत कवि कबीर और दक्षिण भारत के संत कवि तिरुवल्लुवर के समय में लगभग दो हजार वर्ष का अंतराल है किंतु इन दोनों महाकवियों के जीवन में अद्भभुत साम्य पाया जाता है। दोनों के माता-पिता ने जन्म देकर इन्हें त्याग दिया था, दोनों का लालन-पालन निस्संतान ने बड़े स्नेह और जतन से किया था। व्यवसाय से दोनों जुलाहे थे। दोनों ने सात्विक गृहस्थ जीवन की साधना की थी। तिरुवल्लुवर का प्रामाणिक जीवन-वृत्तांत प्राप्त नहीं होता। प्राय: उन्हें चेन्नई के निकट मइलापुर गाँव का जुलाहा माना जाता है किंतु कुछ लोगों के अनुसार वे राजा एल्लाल के शासन में एक बड़े पदाधिकारी थे और उन्हें वैसा ही सम्मान प्राप्त था जैसा चंद्रगुप्त के शासनकाल में चाणक्य को। उनके बारे में अनेक दंतकथाएँ प्रचलित हैं। जैसे कहा जाता है कि एक संन्यासी नारी जाति से घृणा करता था। उसका विश्वास था कि स्त्रियाँ बुराई की जड़ हैं और उनके साथ ईश्वर-भक्ति हो ही नहीं सकती। तिरुवल्लुवर ने बड़े आदर से उसे अपने घर बुलाया। दो दिन उनके परिवार में रहकर सन्यासी के विचार ही बदल गए। उसने कहा, ‘यदि तिरूवल्लुवर और उनकी पत्नी जैसी जोड़ी हो तो गृहस्थ जीवन ही श्रेष्ठ है।’’ कबीर के दोहों की भाँति तिरुवल्लुवर ने भी छोटे छंद में कविता रची जिसे ‘कुरल’ कहा जाता है। कुरलों का संग्रह उनका एकमात्र ग्रंथ है ‘तिरुवल्लुवर’। तिरुवल्लुरल को तमिल भाषा का वेद माना जाता है। इसका प्रत्येक कुरल एक सूक्ति है और सूक्तियाँ सभी धर्मों का सार है। संपूर्ण मानवजाति को शुभ के लिए प्रेरित करना ही इसका उद्देश्य प्रतीत होता है। जैसे धर्म के बारे में दो कुरलो का आशय है : ⦁ भद्र पुरूषों! पवित्र मानव होना ही धर्म है। स्वच्छ मन वाले बनो और देखो तुम उन्नति के शिखर पर कहाँ-से-कहाँ पहुँच जाते हो। ⦁ झूठ न बोलने के गुण को ग्रहण करो तो किसी अन्य धर्म की आवश्यकता ही न रहेगी। जो संबंध चंद्रगुप्त का चाणक्य से था वहीं संबंध :
In which art form does the artist use his body, presence and facial expressions? कलाकार अपने शरीर, उपस्थिति और चेहरे के भावों का उपयोग किस कला रूप में करता है?
Explanations:
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