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Q: .
  • A. 1 और 2
  • B. 2 और 3
  • C. 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
Correct Answer: Option B - सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930–31 ई.) प्रारम्भ करने के पूर्व गाँधी जी ने सरकार से एक बार फिर समझौता करने का प्रयास किया और गाँधी जी ने ‘यंग इंण्डिया’ में एक लेख प्रकाशित कर सरकार के समक्ष 11 सूत्रीय मांगें रखी तथा इन मांगों को स्वीकार अथवा अस्वीकार करने के लिए 31 जनवरी, 1930ई. तक का समय दिया जो सरकार द्वारा अस्वीकार कर दिया गया। 11 सूत्रीय माँगें निम्नलिखित हं– (i) भू राजस्व में 50% की कमी। (ii) राजनैतिक कैदियों को रिहा करना। (iii) डाक आरक्षण बिल पास किये जाये। (iv) नमक कर समाप्त किया जाये एवं नमक पर सरकारी एकाधिकार समाप्त कर दिया जाये। (v) तटीय यातायात रक्षा विधेयक पास किया जाये। (vi) रक्षात्मक शुल्क लगाये जाये तथा विदेशी कपड़ों का आयात नियंत्रित किया जाये। (vii) रुपये विनिमय दर घटाकर 1 शिलिंग 4 पेन्स की जाये। (viii) सिविल सेवाओं तथा सेना के व्यय में 50% कमी की जाये। (ix) नशीली वस्तुओं के विक्रय पर पूर्ण रोक लगायी जाये। (x) गुप्तचर विभाग पर सार्वजनिक नियन्त्रण हो या उसे खत्म कर दिया जाये। (xi) शस्त्र कानून में परिवर्तन किया जाये तथा भारतीयों को आत्मरक्षा हेतु हथियार रखने का लाइसेन्स दिया जाये।
B. सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930–31 ई.) प्रारम्भ करने के पूर्व गाँधी जी ने सरकार से एक बार फिर समझौता करने का प्रयास किया और गाँधी जी ने ‘यंग इंण्डिया’ में एक लेख प्रकाशित कर सरकार के समक्ष 11 सूत्रीय मांगें रखी तथा इन मांगों को स्वीकार अथवा अस्वीकार करने के लिए 31 जनवरी, 1930ई. तक का समय दिया जो सरकार द्वारा अस्वीकार कर दिया गया। 11 सूत्रीय माँगें निम्नलिखित हं– (i) भू राजस्व में 50% की कमी। (ii) राजनैतिक कैदियों को रिहा करना। (iii) डाक आरक्षण बिल पास किये जाये। (iv) नमक कर समाप्त किया जाये एवं नमक पर सरकारी एकाधिकार समाप्त कर दिया जाये। (v) तटीय यातायात रक्षा विधेयक पास किया जाये। (vi) रक्षात्मक शुल्क लगाये जाये तथा विदेशी कपड़ों का आयात नियंत्रित किया जाये। (vii) रुपये विनिमय दर घटाकर 1 शिलिंग 4 पेन्स की जाये। (viii) सिविल सेवाओं तथा सेना के व्यय में 50% कमी की जाये। (ix) नशीली वस्तुओं के विक्रय पर पूर्ण रोक लगायी जाये। (x) गुप्तचर विभाग पर सार्वजनिक नियन्त्रण हो या उसे खत्म कर दिया जाये। (xi) शस्त्र कानून में परिवर्तन किया जाये तथा भारतीयों को आत्मरक्षा हेतु हथियार रखने का लाइसेन्स दिया जाये।

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सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930–31 ई.) प्रारम्भ करने के पूर्व गाँधी जी ने सरकार से एक बार फिर समझौता करने का प्रयास किया और गाँधी जी ने ‘यंग इंण्डिया’ में एक लेख प्रकाशित कर सरकार के समक्ष 11 सूत्रीय मांगें रखी तथा इन मांगों को स्वीकार अथवा अस्वीकार करने के लिए 31 जनवरी, 1930ई. तक का समय दिया जो सरकार द्वारा अस्वीकार कर दिया गया। 11 सूत्रीय माँगें निम्नलिखित हं– (i) भू राजस्व में 50% की कमी। (ii) राजनैतिक कैदियों को रिहा करना। (iii) डाक आरक्षण बिल पास किये जाये। (iv) नमक कर समाप्त किया जाये एवं नमक पर सरकारी एकाधिकार समाप्त कर दिया जाये। (v) तटीय यातायात रक्षा विधेयक पास किया जाये। (vi) रक्षात्मक शुल्क लगाये जाये तथा विदेशी कपड़ों का आयात नियंत्रित किया जाये। (vii) रुपये विनिमय दर घटाकर 1 शिलिंग 4 पेन्स की जाये। (viii) सिविल सेवाओं तथा सेना के व्यय में 50% कमी की जाये। (ix) नशीली वस्तुओं के विक्रय पर पूर्ण रोक लगायी जाये। (x) गुप्तचर विभाग पर सार्वजनिक नियन्त्रण हो या उसे खत्म कर दिया जाये। (xi) शस्त्र कानून में परिवर्तन किया जाये तथा भारतीयों को आत्मरक्षा हेतु हथियार रखने का लाइसेन्स दिया जाये।