Correct Answer:
Option A - बहुव्रीहि समास - पूर्व पद और उत्तर पद गौण, तीसरा पद प्रधान; जैसे- पीताम्बर = पीत वस्त्र धारण करने वाले अर्थात् ‘श्रीकृष्ण’।
कर्मधारय समास – प्रथम पद विशेषण और दूसरा विशेष्य अर्थात् विशेषण + विशेष्य (संज्ञा) = कर्मधारय; जैसे – महाकवि = महान हैं जो कवि अर्थात् महाकवि।
तत्पुरुष समास – उत्तर पद प्रधान, दोनों पदों के बीच का कारक चिह्न लुप्त हो जाता है।
जैसे-
राजकुमार – राजा का कुमार,
गगनचुम्बी – गगन को चूमने वाला
द्वन्द्व समास- दोनों पद प्रधान और दोनों संज्ञाएँ अथवा विशेषण हों
जैसे – रात – दिन = रात और दिन
भाई - बहन = भाई और बहन
A. बहुव्रीहि समास - पूर्व पद और उत्तर पद गौण, तीसरा पद प्रधान; जैसे- पीताम्बर = पीत वस्त्र धारण करने वाले अर्थात् ‘श्रीकृष्ण’।
कर्मधारय समास – प्रथम पद विशेषण और दूसरा विशेष्य अर्थात् विशेषण + विशेष्य (संज्ञा) = कर्मधारय; जैसे – महाकवि = महान हैं जो कवि अर्थात् महाकवि।
तत्पुरुष समास – उत्तर पद प्रधान, दोनों पदों के बीच का कारक चिह्न लुप्त हो जाता है।
जैसे-
राजकुमार – राजा का कुमार,
गगनचुम्बी – गगन को चूमने वाला
द्वन्द्व समास- दोनों पद प्रधान और दोनों संज्ञाएँ अथवा विशेषण हों
जैसे – रात – दिन = रात और दिन
भाई - बहन = भाई और बहन