Explanations:
जब पत्थरों की विभिन्न ढंग से गढ़ाई करके मसाले से दीवार में लगाया जाता है तो इसे ऐश्लर चिनाई कहते हैं। ऐश्लर चिनाई का वह प्रकार जिसमें पत्थर की अच्छे से गढ़ाई करके तथा जिनके जोड़ों की मोटाई 3 मी.मी. (3 mm) से अधिक नहीं होनी चाहिए। उसे कोर्स ऐश्लर चिनाई (coursed ashlar masonry) कहते हैं।