उत्तर प्रदेश में रेनुकूट में हिण्डाल्को की स्थिति का मुख्य कारण है, इसकी निकटता,
Which among the following class of bricks are ground moulded and they are burnt in kilns, also these bricks are commonly used at places where brickwork is to be provided with a coat of plaster? निम्नलिखित में से किस श्रेणी की ईटों को जमीन पर ढाला जाता है और उन्हे भट्टों में जलाया जाता है साथ ही इन ईटों का उपयोग आमतौर पर उन स्थानो पर किया जाता है जहां ईटों पर प्लास्टर चढ़ाना होता है।
निर्देश- प्रश्न संख्या (162 से 169) निम्नलिखितं गद्यांशं पठित्वा अष्टप्रश्नानां यथोचितं विकल्पं चित्वा उत्तराणि देयानि- ते तत्र विश्वासमापन्ना: तात! मातुल! भ्रात! इति ब्रुवाणा अहं पूर्वमहं पूर्वमिति समन्तात् परितस्थु:। सोऽपि दृष्टाशय: क्रमेण तान् पृष्ठे आरोप्य जलाशयस्य नातिदूरे शिलां समासाद्य तस्यामाक्षिप्य स्वेच्छया भक्षयित्वा भूयोऽपि जलाशयं समासाद्य जलचराणां मिथ्यावार्तासन्देशकैर्मनांसि रञ्जयन्नित्यामिवाहारवृत्तिमकरोत्। अन्यस्मिन् दिने च कुलीरकेणोक्त:- ‘‘माम! मया सह ते प्रथम: स्नेहसम्भाष: सञ्जात:। तत् किं मां परित्यज्य अन्यान्नयसि। तस्मादद्य मे प्राणत्राणं कुरु’’ तदाकरण्य सोऽपि दुष्टाशयश्चिन्तितवान् । ‘‘निर्विणोऽहं मत्स्यमांसादनेन। तदद्य एनं कुलीरकं व्यञ्जनस्थाने करोमि’’। इति विचिन्त्य तं पृष्ठे समारोप्य तां वध्यशिलामुद्दिश्य प्रस्थित:। कुलीरकोऽपि दूरादेवास्थिपर्वतं शिलाश्रयमवलोक्य मत्स्यास्थीनि परिज्ञाय तमपृच्छत् - ‘‘माम! कियद्दूरे स जलाशय:? मदीयभारेण अतिश्रान्तस्त्वं तत् कथय’’। सोऽपि मन्दधीर्जलचरोऽप्यमिति मत्वा स्थले न प्रभवतीति सस्मितमिदमाह- ‘‘कुलीरक!’’ कुतोऽन्यो जलाशय: मम प्राणयात्रेयम् , तस्मात् स्मय्र्यतामात्मनोऽभीष्टदेवता। त्वामपि अस्यां शिलायां निक्षिप्य भक्षयिष्यामि’’। इत्युक्तवति तस्मिन् स्ववदनदंशद्वयेन मृणालनालधवलायां मृदुग्रीवायां गृहीतो मृतश्च। अथ स तां बकग्रीवां समादाय शनै: शनै: तज्जलाशयमाससाद। तत: सर्वैरेव जलचरै: पृष्ट:- ‘‘भो: कुलीरक! किं निवृत्तस्त्वम्?’’ स मातुलोऽपि न आयात:? तत् किं चिरयति? वयं सर्वे सोत्सुका: कृतक्षणास्ति ष्ठाम:’’। एवं तैरभिहिते कुलीरकोऽपि विहस्योवाच- ‘‘मूर्खा: सर्वे जलचरास्तेन मिथ्यावादिना वञ्चयित्वा नातिदूरे शिलातले प्रक्षिप्य भक्षिता:। तन्मया आयु: शेषतया तस्य विश्वासघातकस्य अभिप्रायं ज्ञात्वा ग्रीवेयमानीता। तदलं सम्भ्रमेण। अधुना सर्वजलचराणां क्षेमं भविष्यति’’। अतोऽहंब्रवीमि- ‘‘भक्षयित्वा बहून् मत्स्यान्’’ इति। क: जलचरान् पृष्ठे आरोप्य शिलां समासाद्य भक्षयति स्म?
बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक, 2021 महिलाओं की विवाह की न्यूनतम आयु को बढ़ाकर ......... वर्ष करने का प्रयास करता है।
एमएस वर्ड 365 (MS Word 365) में, डॉक्यूमेंट फॉर्मेटिंग के अंतर्गत बुलेट एवं नंबरिंग का उपयोग करने का प्रमुख उद्देश्य क्या होता है?
अच्छे स्वास्थ्य के लिए वसा की आदर्श किस्म वह है जिसमें n-6/n-3 निम्न अनुपात में पाए जाते हैं
‘अर्ली हिस्ट्री ऑफ इंडिया (Early History of India) नामक पुस्तक के लेखक कौन हैं ?
गैस द्वारा काटी गई प्लेट के कट में ग्रूब्स और खींची हुई लाइनें दिखाई देती हैं। इसका कारण होता हैं –
‘न खलु धीमतां कश्चिदविषयो नाम’ कस्येयमुक्ति:?
In stone masonry, the facing work NOT exceeding 8 cm in thickness is treated as :
Explanations:
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