Correct Answer:
Option B - ‘अधिशीङ्स्थासां कर्म’ सूत्र-द्वारा ‘आधारस्य’ कर्मसंज्ञा भवति । अर्थात् – अधि उपसर्ग पूर्वक शीङ्, स्था और आस् धातु के आधार की कर्म सञ्ज्ञा होती है जैसे –
हरि : बैकुण्ठं अधिशेते ।
हरि : बैकुण्ठं अधितिष्ठित ।
अधि उपसर्ग के न होने पर आधार में सप्तमी विभक्ति होगी।
जैसे–
हरि: बैकुण्ठे शेते।
हरि: बैकुण्ठे तिष्ठति।
B. ‘अधिशीङ्स्थासां कर्म’ सूत्र-द्वारा ‘आधारस्य’ कर्मसंज्ञा भवति । अर्थात् – अधि उपसर्ग पूर्वक शीङ्, स्था और आस् धातु के आधार की कर्म सञ्ज्ञा होती है जैसे –
हरि : बैकुण्ठं अधिशेते ।
हरि : बैकुण्ठं अधितिष्ठित ।
अधि उपसर्ग के न होने पर आधार में सप्तमी विभक्ति होगी।
जैसे–
हरि: बैकुण्ठे शेते।
हरि: बैकुण्ठे तिष्ठति।