Correct Answer:
Option B - ‘भाषा-योग-वाशिष्ठ’ का रचनाकाल 1741 ई. है। यह गद्य ग्रंथ साफ-सुथरी खड़ी बोली में राम प्रसाद निरंजनी द्वारा लिखा गया। ये पटियाला दरबार में कथावाचक थे, जहाँ की महारानी देस कौर को सुनाने के लिए ही इस गद्य ग्रंथ का प्रणयन किया।
B. ‘भाषा-योग-वाशिष्ठ’ का रचनाकाल 1741 ई. है। यह गद्य ग्रंथ साफ-सुथरी खड़ी बोली में राम प्रसाद निरंजनी द्वारा लिखा गया। ये पटियाला दरबार में कथावाचक थे, जहाँ की महारानी देस कौर को सुनाने के लिए ही इस गद्य ग्रंथ का प्रणयन किया।