Correct Answer:
Option C - ‘बीजक’ भक्तिकाल के निर्गुण काव्यधारा के ज्ञानाश्रयीशाखा के प्रमुख कवि कबीर की रचना है। ‘बीजक’ साखी, सबद तथा रमैनी तीनो का संकलन है। इसका संकलन कबीर के शिष्य धर्मदास ने ‘बीजक’ नाम से सन् 1464 ई. में किया था।
कबीरदास की भाषा को पंचमेल खिचड़ी, सधुक्कड़ी आदि नामों से अभिहित किया जाता है। आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने कबीर को ‘‘भाषा का डिक्टेटर’’ कहा है।
C. ‘बीजक’ भक्तिकाल के निर्गुण काव्यधारा के ज्ञानाश्रयीशाखा के प्रमुख कवि कबीर की रचना है। ‘बीजक’ साखी, सबद तथा रमैनी तीनो का संकलन है। इसका संकलन कबीर के शिष्य धर्मदास ने ‘बीजक’ नाम से सन् 1464 ई. में किया था।
कबीरदास की भाषा को पंचमेल खिचड़ी, सधुक्कड़ी आदि नामों से अभिहित किया जाता है। आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने कबीर को ‘‘भाषा का डिक्टेटर’’ कहा है।