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Q: बालानाम् ‘आवश्यक-नि:शुल्क-शिक्षा-अधिकार-अधिनियम: (2009)’ शिक्षाया: एकोद्देश्यरूपेण ‘बाल-सर्वाङ्गीण-विकासस्य’ उल्लेखनं करोति। अस्य अभिप्राय: अस्ति–
  • A. प्रत्येकं बालक: एक-शक्तियुक्त-प्रौढरूपेण विकसित: भवेत् इत्यस्मिन् सन्दर्भे तस्य स्वास्थ्यं प्रति समुचितम् अवधानम् यतो हि स: भावि-आह्वानानि स्वीकर्तुं समर्थ: भविष्यति।
  • B. बालकस्य सम्पूर्णविकाससन्दर्भे तस्य व्यक्तित्वस्य शारीरिक-मानसिक-भावात्मक-पक्षाणां समुचितं पुष्टीकरणम्।
  • C. बालक: समुचितकाले राष्ट्रस्य आर्थिक-विकासे समुचितं योगदानं दातुं योग्य: भवेत्।
  • D. प्रत्येकं बालकस्य (06-14 आयु-वर्ग-समूहे) शीघ्रातिशीघ्रं वृद्धि: भवेत् ।
Correct Answer: Option B - आवश्यक नि:शुल्क शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 बालक के सर्वांगीण विकास का उल्लेख करता है। इसका अभिप्राय है- बालक के सम्पूर्ण विकास के सन्दर्भ में उसके व्यक्तित्व का शारीरिक, और भावात्मक पक्ष का समुचित पुष्टिकरण।
B. आवश्यक नि:शुल्क शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 बालक के सर्वांगीण विकास का उल्लेख करता है। इसका अभिप्राय है- बालक के सम्पूर्ण विकास के सन्दर्भ में उसके व्यक्तित्व का शारीरिक, और भावात्मक पक्ष का समुचित पुष्टिकरण।

Explanations:

आवश्यक नि:शुल्क शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 बालक के सर्वांगीण विकास का उल्लेख करता है। इसका अभिप्राय है- बालक के सम्पूर्ण विकास के सन्दर्भ में उसके व्यक्तित्व का शारीरिक, और भावात्मक पक्ष का समुचित पुष्टिकरण।