Correct Answer:
Option D - चोल शिलालेख में उल्लिखित गुरुकुल के अनुरक्षण हेतु प्रदान की गयी भूमि को शालाभोग कहा जाता था। ब्रह्मदेय, ब्राह्मणों को उपहार दी गयी भूमि थी। वही वेल्लनवगाई गैर ब्राह्मणों व किसानों को प्रदान की गयी भूमि थी। पल्लिच्चंदम, जैन संस्थाओं को प्रदान की गयी भूमि थी।
D. चोल शिलालेख में उल्लिखित गुरुकुल के अनुरक्षण हेतु प्रदान की गयी भूमि को शालाभोग कहा जाता था। ब्रह्मदेय, ब्राह्मणों को उपहार दी गयी भूमि थी। वही वेल्लनवगाई गैर ब्राह्मणों व किसानों को प्रदान की गयी भूमि थी। पल्लिच्चंदम, जैन संस्थाओं को प्रदान की गयी भूमि थी।