निर्देश–प्रश्न 90-95 पर्यन्तं प्रश्ना: प्रस्तुतगद्यांशमाधारीकृत्य समाधेया:– कस्यापि राष्ट्रस्य कृते स्वराज्यसदृशमन्यत् भूतं प्रभूतं वैभवं नास्ति। एतेन ध्वन्यते प्रस्फुटं यत् प्रजातन्त्रं शासनमपि तदेवोत्कृष्टं यत्स्वराज्यसंवलितं भवेत्। एष प्रजातन्त्रप्रसङ्ग: अन्यत्रापि संस्कृतसाहित्ये दरीदृश्यते। प्रायश: वर्षाणां सहस्रद्वयी व्यतीयाय यदा राजनीतिनिपुण: कौटिल्यापरनामधेय: आचार्यचाणक्य: बभूव। तेन कूटनीति धुरंधरेण एकायत्तं नन्दवंशप्रशासनमुच्छिद्य मौर्यकुलभूषणं चन्द्रगुप्तं राज्यसिंहासने प्रतिष्ठापयामास। महान् राजनीतिज्ञ: कौटिल्य: चन्द्रगुप्तस्य कृते साम्राज्यधुरं निर्वोढुमर्थशास्त्रविधं लोकविश्रुतं राजनीतितन्त्रं प्रणिनाय। यत्र प्रजातन्त्रपद्धतिमेवावलम्ब्य राज्यतन्त्रं सञ्चायितव्यमिति सर्वं सुनिपुणं प्रतिपादितम्। शास्त्रमिदं राज्यचक्रसञ्चालनौपयिकान् अर्थान् अनुबध्नाति राजाप्रजाऽनुबन्धिन: समस्तानप्यावश्यकान् विषयान् संस्पृशति। ग्रन्थरत्नमिदमवलोक्य पाश्चात्य अपि नीतिविशारदा विस्मिता भवन्ति यद्भारतेऽपि ईदृशा नीतिनिपुणा: पण्डिता: समजायन्त:। `बभूव' इत्यत्र धातोऽस्ति–
त्रिवेणी नहर किस नदी पर निर्मित है?
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What is the melting point of tungsten which is used for making bulb filaments ? टंगस्टन, जिसका उपयोग बल्ब फिलामेंट बनाने के लिए किया जाता है, का गलनांक क्या है ?
क्रिया के जिस रूप से क्रिया के हाने का समय तथा उसकी पूर्णता या अपूर्णता का बोध हो, उसे क्या कहते है?
‘अन्त:करण की वृत्तियों के चित्र का नाम कविता है’ - यह काव्यलक्षण किसने प्रस्तुत किया है?
ऊष्मवर्णा: सन्ति–
गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट किस शहर में है, जिसके नए टर्मिनल बिल्डिंग के डिजाइन का अनावरण किया गया?
आकलन को ‘उपयोगी और रोचक’ प्रक्रिया बनाने के लिए ----के प्रति सचेत होना चाहिए।
Explanations:
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