Major substance Pando, Bhumiya and Bhuihar of _____ tribes./पांडो, भूमिया और भुईहार _______ जनजाति की प्रमुख उपजातियाँ हैं ।
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In bridges, fixed bearings / पुलो में स्थिर बियरिंग
Which of the following comes under the category of basic principles of planning?
एक प्रश्न और उसके बाद तीन कथन - I, II और III दिए गए हैं। बताएं कि कौन से कथन प्रश्न का उत्तर देने के लिए पर्याप्त हैं? प्रश्न: इनमें से किसने कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया? कथन: I. श्रीजा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। II. अमन का स्थान, श्रीजा से एक स्थान नीचे है। III. रोहित का स्थान अमन से ऊपर/बेहतर है।
अबू धाबी मास्टर्स बैडमिंटन 2023 महिला एकल खिताब किस भारतीय खिलाड़ी ने जीता?
किसे प्राचीन काल में ‘कुब्जाग्रामक’ नाम से जाना जाता है–
निम्नलिखित में से किसने ब्रिटिश भारतीय सरकार को राजनीतिक गतिविधियों को दबाने के लिए अत्यधिक शक्तियाँ प्रदान कीं, और राजनीतिक कैदियों को बिना किसी मुकदमे के दो साल तक हिरासत में रखने की अनुमति दी?
'Ramman' folk tradition is related to : ‘रम्माण’ लोक परम्परा सम्बन्धित है :
दिए गए गद्यांश के आधार पर प्रश्न के उत्तर दीजिए। विद्यासागर महान विद्वान और समाज सुधारक थे। यद्यपि वह संस्कृत के बहुत बड़े विद्वान थे तथापि उनके दिमाग के दरवा़जे पाश्चात्य चिंतन में जो कुछ सर्वोंत्तम था उसके लिए खुले हुए थे। वे भारतीय और पाश्चात्य संस्कृति के एक सुखद संयोग का प्रतिनिधित्त्व करते थे। उन्होंने सरकारी सेवा से त्यागपत्र दे दिया क्योंकि वह अनु्रचित सरकारी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं कर सके। उन्होेंने संस्कृत कॉलेज के दरवा़जे गैर-ब्राह्मण विद्यार्थियों के लिए खोल दिए क्योंकि वह संस्कृत के अध्ययन पर ब्राह्मण जाति के तत्कालीन एकाधिकार के विरोधी थे। विद्यासागर को उनके देशवासी भारत की पद दलित नारी जाति को ऊँचा उठाने में उनके योगदान के कारण आज भी याद करते हैं। उन्होंने विधवा पुनर्विवाह के लिए लंबा संघर्ष चलाया। हमारे देश की उच्च जातियों मे पहला ़कानूनी हिंदू विधवा पुनर्विवाह कोलकाता में 7 दिसंबर 1856 को विद्यासागर की प्रेरणा से और उनकी ही देखरेख में हुआ। विधवा पुनर्विवाह की वकालत करने के कारण विद्यासागर का पोंगापंथी हिंदुओं की कटु शत्रुता का सामना करना पड़ा। उनके इस काम में जरुरतमंद दम्पत्तियों की आर्थिक सहायता भी शामिल थी। विद्यासागर ने 1850 में बाल- विवाह का विरोध किया। स्कूलों के सरकारी निरीक्षक की हैसियत से उन्होंनें 35 बालिका विद्यालयों की स्थापना की। बेथुन स्वूâल के मंत्री की हैसियत से वह उच्च नारी शिक्षा के अग्रदूतों में से थे। बेथुन स्कूल की स्थापना 1849 में कलकत्ता में हुई। लड़कियों को आधुनिक शिक्षा पर जोर देने के कारण उनके प्रयास सफल नहीं हो सके। अनेक लोगों का ख्याल था कि पाश्चात्य शिक्षा पाने वाली लड़कियाँ अपने पतियों को अपना गुलाम बना देंगीं। गद्यांश से क्या निष्कर्ष नहीं निकलता ?
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