Explanations:
किसी वस्तु की कार्य करने की क्षमता को उस वस्तु की ऊर्जा कहते हैं, ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है न ही नष्ट किया जा सकता है वरन ऊर्जा को एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। ऊर्जा का मात्रक जूल होता है। ऊर्जा दो प्रकार की होती है– गतिज ऊर्जा तथा स्थितिज ऊर्जा