Correct Answer:
Option D - राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान की शुरुआत वर्ष 2015 में की गई थी। हिन्दी के आधुनिक कथाकारों में से एक निर्मल वर्मा को 1985 में साहित्य अकादमी पुरस्कार, 1995 में मूर्तिदेवी पुरस्कार तथा 1999 में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इनका पहला कहानी संग्रह, परिंदे (पक्षी) को पहला हस्ताक्षर माना जाता है।
D. राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान की शुरुआत वर्ष 2015 में की गई थी। हिन्दी के आधुनिक कथाकारों में से एक निर्मल वर्मा को 1985 में साहित्य अकादमी पुरस्कार, 1995 में मूर्तिदेवी पुरस्कार तथा 1999 में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इनका पहला कहानी संग्रह, परिंदे (पक्षी) को पहला हस्ताक्षर माना जाता है।