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Q: It is the concept of analyzing different societies of cultures in an objective manner without comparing them with each other -
  • A. Social relativism/सामाजिक सापेक्षवाद
  • B. Cultural relativism/सांस्कृतिक सापेक्षवाद
  • C. Moral relativism/नैतिक सापेक्षवाद
  • D. None of these/इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - सांस्कृतिक सापेक्षवाद संस्कृतियों को मापने के लिये कोई सार्वभौमिक मानक नहीं हैं। यह संस्कृतियों के विभिन्न समाजों का उन्हे एक दूसरे के साथ बिना तुलना किये वस्तुनिष्ठ तरीके से विश्लेषण करने की एक अवधारणा है। सांस्कृतिक सापेक्षवाद ऐसा विचार है जिसके तहत किसी संस्कृति की मान्यताओं, मूल्यों और प्रथाओं को उसी संस्कृति के आधार पर समझा जाना चाहिए, न कि उसे अपनी संस्कृति की मान्यताओं, मूल्यों और प्रथाओं जैसे मापदंड पर परख कर उसके विपरीत निर्णय लिया जाना चाहिए।
B. सांस्कृतिक सापेक्षवाद संस्कृतियों को मापने के लिये कोई सार्वभौमिक मानक नहीं हैं। यह संस्कृतियों के विभिन्न समाजों का उन्हे एक दूसरे के साथ बिना तुलना किये वस्तुनिष्ठ तरीके से विश्लेषण करने की एक अवधारणा है। सांस्कृतिक सापेक्षवाद ऐसा विचार है जिसके तहत किसी संस्कृति की मान्यताओं, मूल्यों और प्रथाओं को उसी संस्कृति के आधार पर समझा जाना चाहिए, न कि उसे अपनी संस्कृति की मान्यताओं, मूल्यों और प्रथाओं जैसे मापदंड पर परख कर उसके विपरीत निर्णय लिया जाना चाहिए।

Explanations:

सांस्कृतिक सापेक्षवाद संस्कृतियों को मापने के लिये कोई सार्वभौमिक मानक नहीं हैं। यह संस्कृतियों के विभिन्न समाजों का उन्हे एक दूसरे के साथ बिना तुलना किये वस्तुनिष्ठ तरीके से विश्लेषण करने की एक अवधारणा है। सांस्कृतिक सापेक्षवाद ऐसा विचार है जिसके तहत किसी संस्कृति की मान्यताओं, मूल्यों और प्रथाओं को उसी संस्कृति के आधार पर समझा जाना चाहिए, न कि उसे अपनी संस्कृति की मान्यताओं, मूल्यों और प्रथाओं जैसे मापदंड पर परख कर उसके विपरीत निर्णय लिया जाना चाहिए।