Explanations:
हमारे शरीर में रक्त परिसंचरण तन्त्र में रक्त वाहिकाओं द्वारा घुमता रहता है चोट लगने पर ये वाहिकाएँ टूट–फूट जाती हैं तो रक्तस्त्राव होने लगता है। वैसे तो हमारे शरीर में एसी व्यवस्था है कि रक्त स्त्राव स्वत: ही रूक जाए परन्तु कभी–कभी इन प्रयत्नों में सफलता नहीं मिलती। अत: उस समय बाहरी प्रयत्नों जैसे दबाव लगाकर, फिटकरी लगाकर आदि से रक्तस्त्राव को रोकना आवश्यक हो जाता है। यह रक्तस्त्राव रूक नहीं रहा है तो उसकी समीपस्थ धमनी पर दबाव डाला जाता है।