Correct Answer:
Option A - दिए गए गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक ‘आनंद की खोज’ होगा। मनुष्य मृत्युपर्यन्त आनंद की खोज में प्रयत्नशील रहता है। सच्चे या आत्मिक आनंद की अनुभूति मनुष्य को कैसे होगी, इसी का विश्लेषण उपर्युक्त गद्यांश में किया गया है।
A. दिए गए गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक ‘आनंद की खोज’ होगा। मनुष्य मृत्युपर्यन्त आनंद की खोज में प्रयत्नशील रहता है। सच्चे या आत्मिक आनंद की अनुभूति मनुष्य को कैसे होगी, इसी का विश्लेषण उपर्युक्त गद्यांश में किया गया है।